निकी हेले ने दिया पीएम मोदी को डोनाल्‍ड ट्रंप का मैसेज, ईरान के साथ संबंधों पर दोबारा सोचे भारत

यूनाइटेड नेशंस (यूएन) में अमेरिकी राजदूत निकी हेले गुरुवार को अपना तीन दिवसीय भारत दौरा पूरा करके लौट गईं। दौरे के अंतिम दिन उन्‍होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि निकी ने इस मुलाकात में पीएम मोदी को ईरान पर वह संदेश दिया है।

नई दिल्‍ली। यूनाइटेड नेशंस (यूएन) में अमेरिकी राजदूत निकी हेले गुरुवार को अपना तीन दिवसीय भारत दौरा पूरा करके लौट गईं। दौरे के अंतिम दिन उन्‍होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि निकी ने इस मुलाकात में पीएम मोदी को ईरान पर वह संदेश दिया है जो उनके राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप की ओर से आया था। यह संदेश ईरान से जुड़ा था और बताया जा रहा है कि अमेरिका ने भारत से स्‍पष्‍ट कहा है कि ईरान के साथ अपने संबंधों पर दोबारा सोचे। अमेरिका पहले ही भारत से कह चुका है कि वह तेल आयात में चार नवंबर तक कमी लाए। अमेरिका ने ईरान के साथ साल 2015 में हुई परमाणु डील को मई माह में खत्‍म कर दिया है और इस पर कई तरह के प्रतिबंध भी लगा दिए हैं।

 निकी हेले ने जताई बिजनेस पर चिंता

निकी हेले ने जताई बिजनेस पर चिंता

निकी हेले ने पीएम मोदी से साफ कहा है कि भारत को ईरान पर लगे प्रतिबंधों को मानना होगा। निकी ने ईरान को दुनिया के लिए खतरा करार दिया है। जब उन्‍होंने पीएम मोदी से मुलाकात की तो भारत और ईरान के बीच जारी व्‍यापार संबंधों पर भी चिंता जाहिर की। गुरुवार को निकी एक थिंक टैंक ओआरएफ के कार्यक्रम में बोल रही थीं तो उन्‍होंने कहा था, 'राष्‍ट्रपति ट्रंप कह चुके हैं कि हमें ईरान को जिम्‍मेदार ठहराना होगा।' निकी ने यहां पर कहा कि ईरान, परमाणु कार्यक्रम पर किए गए अपने वादे से पीछे हट रहा है। इसके साथ ही उन्‍होंने ईरान पर आतंकवाद को प्रायोजित करने का आरोप लगाया और इसे अगला नॉर्थ कोरिया करार दिया।

भारत को लेना होगा फैसला

भारत को लेना होगा फैसला

निकी ने कहा था कि अमेरिका, ईरान पर दबाव बनाना जारी रखेगा और उम्‍मीद करता है कि बाकी देश भी ऐसा कही करेंगे। निकी ने बताया कि उन्‍होंनेक पीएम मोदी के साथ बातचीत करते समय भी इस बारे में चर्चा की। निकी के मुताबिक अमेरिका अपने साथी देशों और दोस्‍तों के साथ मिलकर ईरान पर एक जिम्‍मेदार पड़ोसी होने का दबाव बनाना जारी रखेगा। निकी ने एक न्‍यूज चैनल के साथ इंटरव्‍यू में भी कहा कि भारत को 'ईरान के साथ अपने संबंधों पर दोबारा सोचना होगा।' निकी ने कहा कि अमेरिका का दोस्‍त होने के नाम भारत को यह फैसला करना चाहिए कि उसे ईरान के साथ बिजनेस जारी रखना है या नहीं। निकी ने पीएम मोदी के साथ अपनी वार्ता को सृजनात्‍मक करार दिया।

ईरान के साथ किया वादा तोड़ेगा भारत

ईरान के साथ किया वादा तोड़ेगा भारत

चीन के बाद भारत दुनिया का दूसरा देश है जो ईरान से भारी मात्रा में तेल आयात करता है। अमेरिका ने भारत को एक‍ अजीब सी मुश्किल में डाल दिया है। भारत, ईरान से वादा कर चुका है कि वह तेल के आयात को 25 प्रतिशत तक और बढ़ाएगा। भारत की ओर से यह वादा उस समय किया गया था जब फरवरी में ईरान के राष्‍ट्रपति हसन रूहानी भारत की यात्रा पर आए थे। बुधवार को अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारी की ओर से भी साफ किया गया था कि भारत को ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों का पालन करना होगा और साथ ही तेल आयात को चार नवंबर तक जीरो करना होगा।विदेश मंत्रालय की ओर से इस पर कहा गया है कि यह बयान सिर्फ भारत के लिए नहीं था बल्कि सभी देशों के लिए है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+