US Deported Indians: 'डंकी के जरिए US पहुंचे, 10 दिन तक मैक्सिको माफिया ने कैद रखा', हरप्रीत की आपबीती
US Deported Indians: अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में लौटने के बाद अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। 20 जनवरी 2025 को शपथ लेने के बाद, ट्रंप प्रशासन ने भारतीय अप्रवासियों को अमेरिका से डिपोर्ट करना शुरू कर दिया है। 5 फरवरी 2025 को 104 भारतीयों को अमेरिका से निर्वासित कर वापस भेजा गया।
खास बात यह है कि अमेरिकी सैन्य विमान (C-17) के जरिए जंजीरों से जकड़े, हाथों में हथकड़ियों से लैस सभी भारतीयों को अमृतसर एयरपोर्ट पर उतरा गया। इसमें 79 पुरुष और 25 महिलाएं रहीं। बताया जा रहा है कि कई बच्चे भी इसमें शामिल थे। इन्हीं में से एक नागपुर पहुंचे हरप्रीत सिंह लालिया ने अपनी 'डंकी' यात्रा आपबीती बयां की, जो बेहद खौफनाक रही।

'50 लाख खर्च, खाली हाथ लौटे, 10 दिन मैक्सिकन माफिया की कैद'
हरप्रीत सिंह लालिया कनाडा जाना चाहता था, लेकिन एजेंट की गलती के कारण उसे अमेरिका तक की खतरनाक यात्रा करनी पड़ी। 50 लाख रुपये खर्च करने के बाद भी वह खाली हाथ लौटा। अपनी महीनों लंबी यात्रा के दौरान, उन्हें कठिन पैदल यात्राएं करनी पड़ीं और यहां तक कि मैक्सिकन माफिया ने 10 दिनों तक कैद भी रखा।
ललिया ने बताया कि मैं कनाडा के वीजा पर गई थी। मैंने 5 दिसंबर, 2024 को नई दिल्ली से अपनी यात्रा शुरू की। अगले दिन अबू धाबी से मेरी कनेक्टिंग फ़्लाइट थी, लेकिन मुझे उसमें चढ़ने की अनुमति नहीं दी गई, जिसके बाद मैं दिल्ली लौट आई और आठ दिनों तक वहीं रही। फिर मुझे मिस्र के काहिरा के लिए फ़्लाइट में बिठाया गया, जहां से मुझे स्पेन होते हुए कनाडा के मॉन्ट्रियल जाना था। स्पेन, ग्वाटेमाला, निकारागुआ, होंडुरास और मैक्सिको होते हुए अमेरिका की ओर कूच किया।
मैक्सिको में बंधक बनाकर रखा गया:
- मैक्सिकन माफिया ने 10 दिनों तक बंधक बनाया
- 4 घंटे पहाड़ चढ़ना पड़ा।
- 16 घंटे लगातार पैदल चलना पड़ा
104 भारतीयों को अमेरिका से वापस भेजा गया:
- अमेरिकी सेना का C-17 ग्लोबमास्टर विमान बुधवार को अमृतसर हवाई अड्डे पर उतरा।
- हरियाणा और गुजरात से 33-33, पंजाब से 30, महाराष्ट्र और यूपी से 3-3 और चंडीगढ़ से 2 लोग डिपोर्ट हुए।
- ये सभी अमेरिका में अवैध रूप से प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे।
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भारतीय अप्रवासी तीसरे नंबर पर:
- ट्रंप प्रशासन ब्राजील और मैक्सिको के बाद भारतीयों को सबसे ज्यादा डिपोर्ट कर रहा है।
- ICE (Immigration and Customs Enforcement) अवैध भारतीय प्रवासियों को वापस भेजने में तेजी ला रहा है।
- विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संसद में कहा कि ICE द्वारा किए गए निर्वासन में संयम का प्रावधान है। महिलाओं और बच्चों पर कोई जबरदस्ती नहीं की जाती।
क्या अब अमेरिका जाना नामुमकिन हो जाएगा?
- ट्रंप प्रशासन के आने के बाद अवैध प्रवासियों के लिए अमेरिका पहुंचना बेहद मुश्किल हो गया है।
- मैक्सिको बॉर्डर क्रॉस करना अब ज्यादा खतरनाक हो गया है।
- 'डंकी' रूट अब जोखिम भरा हो चुका है, और लोगों को जबरदस्ती वापस भेजा जा रहा है।












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