UPSC Results: मुंगेर की अंशु प्रिया ने हासिल की 16वीं रैंक, दो प्रयास हुए थे फेल लेकिन हौसला था बुलंद

नई दिल्ली, 31 मई: 'तेरे हौसलों के वार से रुकावट की दीवार जरूर गिरेगी, तुम देख लेना सफलता जरूर मिलेगी' , जी हां इन लाइनों को पूरी तरह से चरितार्थ किया है बिहार के मुंगेर की रहने वाली डॉ अंशु प्रिया ने, जिन्होंने यूपीएससी परीक्षा में 16वीं रैंक हासिल की है। हालांकि इस सफलता तक पहुंचने के लिए अंशु प्रिया ने काफी संघर्ष किया है।

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    अंशु प्रिया ने पहले डॉक्टर की नौकरी छोड़ी

    अंशु प्रिया ने पहले डॉक्टर की नौकरी छोड़ी

    यूपीएससी अंशु प्रिया ने पहले डॉक्टर की नौकरी छोड़ी, जो कि आसान नहीं था लेकिन इसके बाद वो दो प्रयास में असफल भी रहीं लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और तीसरे प्रयास में उन्होंने ऐसी बॉलिंग की जिससे बॉल सीधे स्टेडियम के बाहर जाकर गिरी। अपनी कठिन मेहनत से अंशु ने ये साबित कर दिया अगर आपका लक्ष्य क्लीयर है तो सफलता जरूर आपको मिलेगी, बस इंसान को खुद की मेहनत पर भरोसा होना चाहिए।

     अंशु प्रिया के पिताजी शैलेंद्र कुमार एक सरकारी शिक्षक हैं

    अंशु प्रिया के पिताजी शैलेंद्र कुमार एक सरकारी शिक्षक हैं

    आपको बता दें कि अंशु प्रिया के पिताजी शैलेंद्र कुमार एक सरकारी शिक्षक हैं और उनकी मां एक गृहणी हैं। उनकी सफलता में जितना योगदान उनकी मेहनत का रहा है उतना ही मां-पिता के सहयोग का भी रहा है।

    2018 में पटना एम्स से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की

    2018 में पटना एम्स से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की

    आपको बता दें कि डॉ अंशु प्रिया की प्रारंभिक पढ़ाई मुंगेर नेट्रोडेम एकेडमी से हुई है। 2018 में पटना एम्स से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद अंशु प्रिया ने दो साल तक पीएमसीएच में काम भी किया लेकिन अंशु का लक्ष्य तो कुछ और ही था।

     'मेरी बच्ची ने पूरे राज्य का नाम रौशन कर दिया'

    'मेरी बच्ची ने पूरे राज्य का नाम रौशन कर दिया'

    सीमित संसाधन में उन्होंने सफलता का वो इतिहास लिखा जिसे लिखना हर किसी के बस में नहीं होता है। उनके पिता ने कहा कि निश्चित आय के साधन में मैंने अपनी बेटी को हर संभव मदद करने की कोशिश की थी लेकिन मेरी बच्ची ने तो आज मेरा ही नहीं बल्कि पूरे राज्य का नाम रौशन कर दिया, इससे पीछे सिर्फ उसकी कड़ी मेहनत, तपस्या और लगन है, जिसने उसके सपनों को नई ऊंचाईयां दी है।

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