UPSC New Rule FAQS: यूपीएससी में पहले क्या था और अब क्या बदला है? परीक्षा का नया निमय क्या? 10 सवाल और जवाब
UPSC New Rule FAQS: संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 के नोटिफिकेशन के साथ ऐसा बदलाव कर दिया है, जिसने लाखों अभ्यर्थियों को चौंका दिया है। अब तक कई IAS, IPS और ग्रुप-ए अधिकारी सर्विस में रहते हुए बार-बार परीक्षा देकर रैंक सुधारते रहे हैं, लेकिन UPSC ने इस रास्ते पर लगभग ब्रेक लगा दिया है। नए नियम क्या हैं, किसे मौका मिलेगा और किसे नहीं, सब कुछ 10 सवाल-जवाब में समझिए।
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस बार आयोग ने कुल 933 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। इच्छुक उम्मीदवार 24 फरवरी तक आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले फेस ऑथेंटिकेशन अनिवार्य किया गया है। इस नोटिफिकेशन के साथ प्रयास और पात्रता से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। अब सेवा में रहते हुए बार-बार सिविल सेवा परीक्षा देने की छूट पहले जैसी नहीं रहेगी। चयन के बाद उम्मीदवारों को सीमित मौके ही मिलेंगे।

नए नियमों के मुताबिक अगर किसी उम्मीदवार का 2026 में IPS या किसी ग्रुप-ए सेवा में चयन होता है, तो उसे 2027 में सिर्फ एक बार रैंक सुधारने का अवसर मिलेगा, वह भी ट्रेनिंग जॉइन न करने की एकमुश्त छूट मिलने पर। इसके बाद परीक्षा देने के लिए इस्तीफा देना अनिवार्य होगा। पहले से IPS में चयनित उम्मीदवार CSE 2026 से दोबारा IPS नहीं बन सकेंगे।
सवाल1️⃣: UPSC ने सिविल सेवा परीक्षा में क्या बड़ा बदलाव किया है? (What is UPSC New Rule 2026)
जवाब: UPSC ने अब सर्विस में रहते हुए बार-बार सिविल सेवा परीक्षा देने की छूट लगभग खत्म कर दी है। जो उम्मीदवार IAS या IFS बन चुके हैं और सर्विस में हैं, वे CSE 2026 में दोबारा परीक्षा नहीं दे सकेंगे। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर CSE 2026 का नोटिफिकेशन देख सकते हैं।
यूपीएससी के नए नियम के मुताबिक अब सिविल सर्विस ज्वॉइन करने वाले उम्मीदवारों को सिर्फ एक अटेंप्ट का ही मौका दिया जाएगा। वे तीसरी बार यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए अप्लाई नहीं कर पाएंगे।
सवाल2️⃣: क्या सर्विंग IAS और IFS अधिकारी अब UPSC नहीं दे सकते? (Serving IAS IFS UPSC Rule)
जवाब: हां, अगर कोई उम्मीदवार पिछली परीक्षा के आधार पर IAS या IFS में नियुक्त हो चुका है और अभी सर्विस में है, तो वह CSE 2026 के लिए अयोग्य होगा। प्रीलिम्स पास करने के बाद भी अगर मेन्स से पहले नियुक्ति हो जाती है, तो मेन्स लिखने की अनुमति नहीं मिलेगी।
सवाल3️⃣: क्या IPS अधिकारियों पर भी यही नियम लागू होगा? (IPS New Rule UPSC)
जवाब: IPS अधिकारी CSE 2026 दे सकते हैं, लेकिन वे दोबारा IPS नहीं चुन पाएंगे। यानी IPS से IPS बनने का रास्ता बंद कर दिया गया है, हालांकि वे अन्य सेवाओं के लिए प्रयास कर सकते हैं।
सवाल4️⃣: क्या ग्रुप-ए सर्विस वालों को रैंक सुधारने का मौका मिलेगा? (One Time Improvement UPSC)
जवाब: हां, लेकिन सिर्फ एक बार। CSE 2026 से IPS या किसी ग्रुप-ए सर्विस में चयनित उम्मीदवार को CSE 2027 में रैंक सुधारने का एक मौका मिलेगा, वह भी तब जब ट्रेनिंग जॉइन करने से वन-टाइम छूट मिले।
सवाल5️⃣: ट्रेनिंग न जॉइन करने पर क्या होगा? (UPSC Training Rule)
जवाब: अगर उम्मीदवार न ट्रेनिंग ज्वाइन करता है और न छूट लेता है, तो उसकी CSE 2026 के आधार पर मिली सर्विस अपने आप रद्द कर दी जाएगी। अगर CSE 2027 में भी चयन हो और फिर ट्रेनिंग न जॉइन की जाए, तो दोनों चयन रद्द हो जाएंगे।
सवाल6️⃣: क्या CSE 2028 में बैठने के लिए इस्तीफा जरूरी होगा? (Resignation Rule UPSC)
जवाब: नए निमय के मुताबिक बिल्कुल, CSE 2028 या उसके बाद परीक्षा देने के लिए उम्मीदवार को अपनी मौजूदा सर्विस से इस्तीफा देना अनिवार्य होगा। सर्विस में रहते तीसरा अटेंप्ट अब संभव नहीं होगा।
सवाल7️⃣: पुराने चयन (CSE 2025 या पहले) वालों को क्या राहत मिली है? (Old Selection UPSC Rule)
जवाब: CSE 2025 या उससे पहले चयनित उम्मीदवारों को एक बार CSE 2026 या CSE 2027 में बैठने का मौका मिलेगा, बिना इस्तीफा दिए। लेकिन इसके बाद परीक्षा देने के लिए रिजाइन करना जरूरी होगा।
सवाल8️⃣: क्या प्रीलिम्स पास करने के बाद भी मेन्स रोका जा सकता है? (UPSC Prelims to Mains Rule)
जवाब: हां, अगर प्रीलिम्स के बाद लेकिन मेन्स से पहले उम्मीदवार IAS या IFS में नियुक्त हो जाता है और सर्विस में बना रहता है, तो उसे मेन्स परीक्षा लिखने की अनुमति नहीं मिलेगी।
सवाल9️⃣: UPSC CSE 2026 का फॉर्म कब तक भरा जा सकता है? (UPSC CSE 2026 Form Date)
जवाब: UPSC CSE 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया 4 फरवरी 2026 से शुरू हो चुकी है। अंतिम तारीख 24 फरवरी 2026 है। इस भर्ती के जरिए लगभग 933 पद भरे जाएंगे, जिनमें 33 पद दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं।
सवाल🔟: क्या ये बदलाव पहली बार 2026 से लागू होंगे? (UPSC Reform 2026)
जवाब: हां, ये सभी सख्त नियम पहली बार सिविल सेवा परीक्षा 2026 से लागू किए जा रहे हैं। UPSC का मकसद है कि सर्विस में रहते बार-बार परीक्षा देने की परंपरा को खत्म किया जाए और नए अभ्यर्थियों को ज्यादा मौका मिले।
हर साल लाखों युवाओं की परीक्षा, कुछ ही बन पाते हैं अफसर
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा हर साल देश की सबसे कठिन और चर्चित परीक्षाओं में गिनी जाती है, जिसमें 10 लाख से ज्यादा उम्मीदवार किस्मत आजमाते हैं। साल 2025 में करीब 10 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया, लेकिन इनमें से सिर्फ 14,161 उम्मीदवार ही प्रीलिम्स पास कर मेन्स तक पहुंच सके। आगे चलकर 2,736 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया और आखिरकार 979 पदों पर अंतिम चयन हुआ।
इससे पहले 2024 में लगभग 13 लाख आवेदन आए थे, जिनमें से करीब 5.8 लाख उम्मीदवार प्रीलिम्स में शामिल हुए और 1,009 को अंतिम सफलता मिली। वहीं 2023 में भी करीब 13 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी, लेकिन फाइनल सिलेक्शन सिर्फ 1,016 उम्मीदवारों का ही हो सका।
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