Uprashtrapati Chunav: सवाल हार-जीत का नहीं, विपक्ष को चारो-खाने चित्त करने का है! क्या है BJP का मास्टर प्लान
Vice President Election 2025 (Uprashtrapati Chunav) उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए 9 सितंबर को वोटिंग सुबह 10 बजे से शुरू हो गई है। पीएम नरेंद्र मोदी समेत तमाम सांसद वोट डाल रहे हैं। आंकड़े साफ तौर पर एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन के पक्ष में खड़े हैं। एनडीए के पास कुल 427 सांसदों का समर्थन है, जो बहुमत के लिए जरूरी 391 से कहीं ज्यादा है। बीजेपी सांसदों का कहना है कि इस बार राधाकृष्णन भारी अंतर से जीत हासिल करेंगे।
इस उपराष्ट्रपति चुनाव में मसला हार जीत का है ही नहीं। भाजपा विपक्ष को ज्यादा से ज्यादा वोटों से हराकर चारो-खाने चित्त करना चाहती है। विपक्ष इस चुनाव में विपक्षी एकता का मजबूती से संदेश देना चाहती है लेकिन भाजपा का प्लान है कि इस चुनाव में एक भी क्रॉस वोटिंग ना हो।

एनडीए बनाम विपक्ष: कौन कितने पानी में?
लोकसभा में राधाकृष्णन को 293 वोट मिलने की उम्मीद है, जबकि राज्यसभा से 134 वोट उनके खाते में जा सकते हैं। यानी कुल 427 वोट मिलेंगे। दूसरी ओर विपक्षी उम्मीदवार जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी के साथ केवल 354 सांसद खड़े हैं। वर्तमान में संसद में 781 सदस्य हैं, जिनमें लोकसभा की 542 सीटों में से एक खाली और राज्यसभा की 239 सीटों में से 5 खाली हैं।
बीजेडी, बीआरएस और शिरोमणि अकाली दल ने चुनाव से दूरी बनाने का फैसला किया है। बीजेपी नेताओं ने दावा किया है कि राधाकृष्णन को न सिर्फ एनडीए बल्कि अन्य दलों से भी समर्थन मिल सकता है और क्रॉस वोटिंग की संभावना भी है।
उपराष्ट्रपति चुनाव 2025: बीजेपी की रणनीति, फोकस मार्जिन बढ़ाने पर, विपक्ष में उठे सवाल
भले ही उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन की जीत तय मानी जा रही है, लेकिन बीजेपी इसे हल्के में नहीं ले रही। पार्टी चाहती है कि जीत का अंतर बड़ा हो और इसके लिए गृहमंत्री अमित शाह खुद मोर्चा संभाले हुए हैं। हाल ही में अभी समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद राजीव राय के जन्मदिन पर अमित शाह द्वारा दी गई शुभकामनाएं भी चर्चा का विषय बन गई थी। राय ने कथित रूप से शाह से हुई बातचीत को रिकॉर्ड कर वायरल कर दिया, हालांकि बाद में सफाई दी कि यह उनके किसी कार्यकर्ता ने किया था। राजनीतिक हलकों का मानना है कि यह सब एनडीए के वोट बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है और राय का वोट एनडीए उम्मीदवार को ही जाएगा।
विश्लेषकों का कहना है कि इस चुनाव में क्रॉस-वोटिंग की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। माना जा रहा है कि सपा के 3-5 सांसद, और छोटे दलों/निर्दलीयों के 4-6 सांसद पाला बदल सकते हैं। 2022 के चुनाव में भी एनडीए के प्रत्याशी जगदीप धनखड़ को 528 वोट मिले थे, जो अनुमानित संख्या से अधिक थे और इसमें बीजेडी व बीआरएस की क्रॉस-वोटिंग अहम रही थी।
हालांकि, कांग्रेस अब तक ऐसी क्रॉस-वोटिंग से बची रही है। न तो 2022 के उपराष्ट्रपति चुनाव में और न ही 2019 लोकसभा स्पीकर चुनाव में कांग्रेस सांसदों ने पार्टी लाइन तोड़ी थी। यही कारण है कि इस बार भी एनडीए की रणनीति क्षेत्रीय दलों और निर्दलीय सांसदों पर ज्यादा फोकस्ड है।
कांग्रेस का YSRCP पर हमला
चुनाव से पहले कांग्रेस ने वाईएसआर कांग्रेस अध्यक्ष जगन मोहन रेड्डी पर एनडीए का साथ देने को लेकर करारा वार किया। कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर ने कहा कि जगन ने आंध्र प्रदेश की जनता के भरोसे को तोड़ा है और "सीबीआई केसों के डर से मोदी सरकार के सामने आत्मसमर्पण" किया है। टैगोर ने इसे "लोकतांत्रिक ताकतों के साथ विश्वासघात" बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि जगन का यह फैसला इतिहास में उस दिन के रूप में याद किया जाएगा जब उन्होंने "जनता के हितों के ऊपर अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा चुनी।"












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