UP Lok Sabha Election 2024: सपा ने 16 सीटों पर उम्मीदवार घोषित करके कांग्रेस को किन 5 सीटों पर दिया झटका?

UP Lok Sabha Election 2024 Samajwadi Party candidates List: कांग्रेस को इंडिया ब्लॉक के किसी भी सहयोगी से अच्छे संकेत नहीं मिल रहे हैं। समाजवादी पार्टी ने यूपी में 16 उम्मीदवारों की जो पहली लिस्ट जारी की है, वह भी कांग्रेस के लिए एक चेतावनी की तरह है।

इससे पहले कांग्रेस को बंगाल और पंजाब से मायूसी वाली खबरें मिल रही हैं। महाराष्ट्र में भी पार्टी के वार्ताकारों को उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) से बहुत ज्यादा मोलभाव करना पड़ रहा है।

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कांग्रेस को सहयोगियों से नहीं मिल रहे अच्छे संकेत
बिहार में बदले राजनीतिक समीकरण में भले ही चुनाव लड़ने के लिए कुछ ज्यादा सीटें मिल भी जाएं, लेकिन उससे उसे किसी तरह का चुनावी फायदा भी मिलेगा, इसकी फिलहाल दूर तक कोई संभावना नहीं है।

यूपी में कांग्रेस को सपा ने दिया 5 सीटों पर झटका!
सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने शनिवार को कांग्रेस के लिए यूपी में 11 सीटें छोड़ने का ऑफर दिया और मंगलवार को एकतरफा 16 सीटों पर समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी। इनमें 5 सीटें वो हैं, जिसपर कांग्रेस ने चुनाव लड़ने की उम्मीदें लगा रखी थीं।

दबाव की राजनीति में घिर गई कांग्रेस!
2024 के लोकसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करने वाली समाजवादी पार्टी पहली पार्टी बन गई। राज्य में अन्य प्रदेशों की तरह ही इंडिया ब्लॉक की अन्य सहयोगियों के साथ सीटों के बंटवारे पर चर्चा चल रही है।

ऐसे में सपा की लिस्ट में वो पांच सीटें भी शामिल होना, जिसपर कांग्रेस के चुनाव लड़ने का दावा बन सकता था, दबाव की रणनीति मानी जा रही है।

राजनीतिक जानकारों के हिसाब से सबसे पहले उम्मीदवार उतारकर सपा ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह चुनावों के लिए वोटरों तक पहुंचने के लिए पूरी तरह से तैयार है। जबकि, कांग्रेस पर शुरू से सहयोगी पार्टियां सीटों के बंटवारे में देरी का आरोप लगा रहे हैं।

कांग्रेस को सपा का सख्त संदेश!
बिहार में जेडीयू सुप्रीमो और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विपक्षी गठबंधन से निकलने का एक बड़ा कारण भी यही बताया जा रहा है। जानकारों का कहना है सपा ने कांग्रेस की दावेदारी वाली पांच सीटों पर अपने प्रत्याशी देकर पार्टी को यह संदेश दिया है कि सीट बंटवारे के मसले को वह और ज्यादा समय तक टालने के मूड में नहीं है।

इन पांच सीटों पर बनती थी कांग्रेस की दावेदारी
समाजवादी पार्टी की ओर से घोषित जिन पांच सीटों पर कांग्रेस अपने उम्मीदवार उतारना चाहती थी, उनमें फर्रुखाबाद, धौरहरा, खीरी, उन्नाव और लखनऊ लोकसभा सीटें शामिल हैं।

फर्रूखाबाद सीट कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद की परंपरागत सीट मानी जाती है। यहां से अखिलेश ने डॉ नवलकिशोर शाक्य को उतारा है।

खीरी सीट से कांग्रेस पार्टी तीन बार के सपा सांसद रवि वर्मा को चुनाव लड़ाना चाहती थी। वे पिछले साल नवंबर में ही समाजवादी पार्टी से कांग्रेस में आए थे। लेकिन, अखिलेश यादव ने यहां उत्कर्ष वर्मा को उतार दिया है।

धौरहरा सीट को जितिन प्रसाद के भाजपा का कमल थामने से पहले तक कांग्रेस का गढ़ माना जाता था। लेकिन, यहां से सपा ने पूर्व एमएलसी आनंद भदौरिया पर दांव लगा दिया है।

इसी तरह से लखनऊ पर कांग्रेस की नजरें टिकी हुई थीं। लेकिन, सपा ने रविदास मेहरोत्रा पर भाग्य आजमाया है। जबकि, उन्नाव से सपा ने अनु टंडन को उतारा है, जो 2014 और 2019 में लगातार यहां से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव हारने से पहले 2009 में इसी पार्टी से चुनाव जीती थीं।

2009 में 21 से 2019 में एक सीट तक सिमट गई कांग्रेस
कांग्रेस को 2014 में यूपी से परिवार की सिर्फ दो सीटें अमेठी और रायबरेली में ही जीत मिली थी। 2019 में अमेठी भी गांधी परिवार के हाथों से निकल गई थी।

जबकि, 2009 में पार्टी यूपी की 21 सीटों पर चुनाव जीती थी। ये सीटें थीं- अमेठी, रायबरेली, अकबरपुर, बरेली, बहराइच, बाराबंकी, डुमरियागंज, धौरहरा, फर्रूखाबाद, फैजाबाद, कानपुर, झांसी, गोंडा, कुशीनगर, खीरी, मुरादाबाद, महाराजगंज, प्रतापगढ़, उन्नाव, सुल्तानपुर और श्रावस्ती।

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