दंगाइयों का घर गिराने वाली याचिका पर यूपी सरकार का SC में जवाब- 'कानून के तहत की गई कार्रवाई'
नई दिल्ली, 22 जून: नूपुर शर्मा के बयान के बाद उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हिंसा हुई थी। जिसके बाद प्रशासन ने कथित तौर पर दंगे के कई मास्टरमाइंड्स के घरों पर कार्रवाई की और उन्हें अवैध निर्माण बताते हुए गिरा दिया। जिसके बाद जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। इस याचिका को लेकर अब यूपी सरकार ने भी अपना जवाब दाखिल किया है। साथ ही घर गिराने की कार्रवाई को सही बताया। इस मामले की अगली सुनवाई 24 जून को होगी।

यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि हाल ही में राज्य में कुछ संपतियों को ढहाया गया था। ये कार्रवाई उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई। इसका दंगा करने के आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करने से कोई लेना-देना नहीं था। सरकार ने अलग-अलग कानूनों के अनुसार दंगाइयों के खिलाफ कार्रवाई की है। इसके अलावा यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि याचिकाकर्ता जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने चुनिंदा मीडिया रिपोर्टों को चुना है और उनके द्वारा लगाए गए आरोप झूठे हैं। यूपी सरकार ने कोर्ट से इस याचिका को खारिज करने का भी आग्रह किया है।
राज्य के गृह विभाग के विशेष सचिव राकेश कुमार मालपानी की ओर से दाखिल जवाब में आगे कहा गया कि जिन संपत्तिययों का जिक्र उलेमा ने अपनी याचिका में किया है। उनको हटाने की प्रक्रिया कानपुर और प्रयागराज प्राधिकरण ने काफी पहले शुरू कर दी थी। सभी लोगों को नोटिस के साथ घर खाली करने का वक्त भी दिया गया था। गृह विभाग ने बताया कि कानपुर के बेनाझाबर इलाके में इश्तियाक अहमद को 17 अगस्त 2020 को ही पहली बार नोटिस जारी किया गया था। उन्होंने इस पर संज्ञान नहीं लिया, जिस वजह से 19 अप्रैल 2022 को प्राधिकरण ने उसे गिराने का आदेश जारी किया। इसके बाद उनको सामान हटाने के लिए 15 दिन का वक्त दिया गया। तब जाकर 11 जून को कार्रवाई की गई।
वहीं प्रयागराज में जावेद मोहम्मद का घर गिराने पर गृह विभाग ने कहा कि स्थानीय लोगों ने शिकायत की थी कि उनके इलाके में दो मंजिला घर अवैध बना हुआ है। जिसमें किसी पार्टी का कार्यालय भी चलाया जा रहा, जबकि आवासीय इलाकों में इसकी मनाही है। इसके बाद 10 मई को जावेद के नाम नोटिस जारी किया गया और 25 मई को उसे गिराने का आदेश आया। इसी तरह की प्रक्रिया का पालन अन्य कार्रवाई में भी किया गया है।












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