यूपी में प्रदूषण का कहर, सीएम योगी ने बुलाई आपात बैठक
लखनऊ। दिवाली के बाद उत्तर प्रदेश में वायु प्रदूषण का स्तर काफी अधिक बढ़ गया है। दिल्ली से सटे गाजियाबाद, नोएडा के अलावा हापुड़, मेरठ आदि जिलों में प्रदूषण के कारण लोगों का सांस लेना मुश्किल हो रहा है। प्रदूषण की इस स्थिति से निपटने को लेकर राज्य के सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार रात 8 बजे आपात बैठक बुलाई है। इस बैठक में मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव पर्यावरण समेत कई बड़े अधिकारी मौजूद रहेंगे।

दिवाली के बाद यूपी के कई शहरों में प्रदूषण के स्तर में वृद्धि हुई है। गाजियाबाद में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर को पार करता दिखा। यूपी के कई शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 से ज्यादा पहुंच गया। दिवाली के बाद 28 अक्टूबर को मुजफ्फरनगर, नोएडा, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में एयर क्वालिटी इंडेक्स 350 से ज्यादा रहा। जबकि 29 अक्टूबर को गाजियाबाद में एयर क्वालिटी इंडेक्स 446 तक पहुंच गया। इस दिन गाजियाबाद देश के सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में शामिल रहा। इसके बाद नोएडा, ग्रेटर नोएडा और मुरादाबाद का नंबर रहा।
10 सबसे प्रदूषित शहरों में 8 यूपी के
गुरुवार को भी 482 एयर क्वालिटी इंडेक्स के साथ गाजियाबाद तीसरे दिन देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा। देश के दस सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में मेरठ, बुलंदशहर, गाजियाबाद, हापुड़, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, बागपत और कानपुर को लेकर 8 शहर अकेले यूपी के दर्ज किए गए। दूसरी तरफ, धुंध के असर के कारण यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। आगरा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे पर वाहनों की आवाजाही कम हुई है।
आगरा में हालात ये है कि धुंध की चादर के कारण ताजमहल भी ठीक से नजर नहीं आ रहा है। वहीं, दिवाली के बाद राजधानी दिल्ली में भी एयर क्वालिटी 'काफी खराब' रही है। सरकारी स्तर पर प्रदूषण रोकने के प्रयास नाकाफी साबित हुए हैं। प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की है कि पांच नवंबर तक सभी स्कूल बंद रहेंगे।












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