पहलगाम आतंकी हमले पर यूएनएससी की रिपोर्ट, पाकिस्तान की सबसे बड़ी साजिश हुई बेनकाब
जम्मू-कश्मीर में 22 अप्रैल 2025 को हुआ पहलगाम आतंकी हमला फिर चर्चा में है। ऑपरेशन सिंदूर में पहलगाम हमले के 3 आतंकियों को मार गिराए जाने की मुद्दा लोकसभा तक में गूंजा है। इस बीच पहलगाम हमले पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें पाकिस्तान का झूठ बेनकाब हुआ है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की मॉनिटरिंग टीम की रिपोर्ट में पहली बार द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) का नाम लिया गया है। यह वही आतंकी संगठन है, जिसने पहलगाम आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली थी। हालांकि, बाद में वह पाकिस्तानी सेना के दबाव में अपने बयान से मुकर गया।

मीडिया में छपी खबर के अनुसार यूएनएससी की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान टीआरएफ जैसे अपने आतंकी संगठनों को स्थानीय रूप देने की कोशिश करता है, ताकि बड़े आतंकी संगठन जैसे लश्कर-ए-तैयबा व जैश-ए-मोहम्मद से दुनिया का ध्यान हटाया जा सके। पाकिस्तान की यह रणनीति अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने उजागर हो चुकी है।
यूएनएससी ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ), जो लश्कर-ए-तैयबा से सीधे तौर पर जुड़ा आतंकी संगठन है, पहलगाम आतंकी हमले में शामिल था। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह हमला लश्कर की सहायता के बिना संभव नहीं था। साथ ही, आशंका जताई गई है कि भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव का लाभ आतंकी संगठन उठाने की कोशिश कर सकते हैं।
आतंकियों का खात्मा जारी
भारतीय सेना ने पुंछ में एलओसी पार करने की कोशिश कर रहे दो आतंकियों को मार गिराया है। उनके पास से तीन हथियार व गोला बारूद बरामद हुआ है। इनके एनकाउंटर से पहले 28 जुलाई 2025 को सेना, CRPF और J&K पुलिस के संयुक्त 'ऑपरेशन महादेव' में पहलगाम हमले के तीनों आतंकी सुलेमान उर्फ फैजल जट, हमजा अफगानी और जिब्रान को मार गिराया गया था।
पहलगाम हमले की टाइमलाइन
22 अप्रैल 2025
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसरन वैली में दोपहर को पर्यटकों पर आतंकी हमला। 26 लोग मारे गए। आतंकियों ने नाम व धर्म पूछकर गोली मारी थी। कुछ पर्यटकों को कलमा पढ़ने के लिए भी मजबूर किया गया था।
हमले की जिम्मेदारी टीआरएफ ने ली, लेकिन बाद में पाकिस्तानी सेना के दबाव में सोशल मीडिया पोस्ट हटाया गया और इनकार किया गया।
23 अप्रैल
भारत ने पाकिस्तान के साथ इंडस वाटर ट्रीटी को निलंबित कर दिया, पाकिस्तानी वीज़ा रद्द किए, और सीमाएं बंद कीं।
7 मई
ऑपरेशन सिंदूर शुरू हुआ। भारतीय वायुसेना ने पीओके स्थित आतंकी ठिकानों पर टारगेटेड स्ट्राइक की थी, जिसमें कई लॉन्च पैड तबाह किए गए। बाद में पाकिस्तान की ओर से भी मिसाइल और ड्रोन हमले हुए।
10 मई
भारत-पाकिस्तान के बीच एक अस्थायी सीजफायर की घोषणा।
22 जुलाई
आईबी और भारतीय सेना को पता चला कि आतंकी श्रीनगर के पास दाचीगाम के जंगल में छिपे हुए हैं।
28 जुलाई
'ऑपरेशन महादेव' में पहलगाम हमले के तीनों आतंकी सुलेमान उर्फ फैजल जट, हमजा अफगानी और जिब्रान का एनकाउंटर किया गया।












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