पुलवामा हमले के 11 शहीदों के परिवारों को नहीं मिली नौकरी? संसद में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री का जवाब
Pulwama Martyrs Children Govt Jobs: संसद का मानसून सत्र चल रहा है। ऐसे में विपक्ष मणिपुर सहित कई मुद्दों पर हंगामा कर रहा है। इस बीच साल 2019 में हुए पुलवामा हमले के शहीदों के परिवार के लोगों को नौकरी का मुद्दा उठा, जिस पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने संसद में जवाब दिया।
पुलवामा हमले के 11 शहीदों के परिवारों को क्यों नहीं मिली नौकरी? इस सवाल पर केंद्र सरकार ने संसद में जवाब दिया।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने संसद में जानकारी दी कि साल 2019 में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों की करीब एक दर्जन विधवाओं ने सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने के लिए अपने बच्चों के 18 साल के होने तक इंतजार करने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि आतंकी हमले में मारे गए लोगों के 19 परिजनों को अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी दी गई है। तीन और की नियुक्ति प्रक्रिया में है।
दरअसल, 14 फरवरी, 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आत्मघाती हमलावर में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे, जिसे लेकर पूछे गए सवाल पर गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लिखित उत्तर में कहा कि 11 विधवाओं ने अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन करने के लिए अपने बच्चों के 18 साल के होने तक इंतजार करने का फैसला किया है।
इसके अलावा केंद्र ने बुधवार को राज्यसभा को बताया कि पूर्ववर्ती राज्य में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद से जम्मू और कश्मीर में कुल 29,295 रिक्तियां भरी गईं।
अपने बयान में उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर सरकार ने सरकार में भर्ती के क्षेत्र सहित कई शासन सुधार किए हैं। अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद बड़े पैमाने पर भर्ती अभियान चलाया गया है और जम्मू और कश्मीर सरकार ने 29,295 पदों को भरा है।
राय ने कहा कि भर्ती एजेंसियों ने 7,924 रिक्तियों का विज्ञापन दिया है और 2,504 रिक्तियों के संबंध में परीक्षाएं आयोजित की गई हैं।उन्होंने कहा कि सरकार में रिक्तियों की पहचान एवं भर्ती एक सतत एवं चालू प्रक्रिया है।
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