कौन होते हैं Gig वर्कर्स? बजट में सीतारमण ने उनके लिए किया बड़ा ऐलान, जानिए मिलने वाले हैं कौन से लाभ
Budget Benefits for Gig Workers: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025 में एक बड़ा ऐलान किया है। अब गिग वर्कर्स को भी आयुष्मान भारत प्रधान मंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) का लाभ मिलेगा।
यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है, जो आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा देती है। इस फैसले का मकसद गिग वर्कर्स को जरूरी हेल्थकेयर सुरक्षा देना है, क्योंकि वे पारंपरिक नौकरी वाले कर्मचारियों की तरह स्वास्थ्य लाभ नहीं पाते।

गिग वर्कर्स कौन होते हैं?
गिग वर्कर्स वे लोग होते हैं जो फिक्स्ड सैलरी वाली नौकरी की जगह कैब ड्राइवर, ऑनलाइन डिलीवरी, फ्रीलांसिंग जैसे लचीले और अस्थायी काम करते हैं। भारत में गिग वर्कर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अनुमान है कि 2030 तक भारत की कुल वर्कफोर्स में इनकी हिस्सेदारी 4.1% तक पहुंच जाएगी, यानी करीब 23.5 करोड़ लोग गिग वर्कर्स होंगे।
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क्या है आयुष्मान भारत योजना?
सितंबर 2018 में शुरू हुई यह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज देती है। यह योजना नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA) द्वारा संचालित होती है और इसमें पहले से मौजूद बीमारियों का भी कवर मिलता है। इस योजना के तहत शुरुआत में 10.74 करोड़ परिवारों को जोड़ा गया था, लेकिन अब यह 14.74 करोड़ परिवारों तक पहुंच गई है, जिससे करीब 70 करोड़ लोगों को फायदा मिल रहा है।
गिग वर्कर्स को क्यों जोड़ा गया?
अब तक गिग वर्कर्स के पास कोई स्वास्थ्य बीमा नहीं था। NHA ने सुझाव दिया था कि ऐसे कामगारों को भी इस योजना में शामिल किया जाए। यह फैसला राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 के उद्देश्य को पूरा करता है, जिसका लक्ष्य सभी नागरिकों को हेल्थकेयर सुरक्षा देना है।
क्या होगा फायदा?
- गिग वर्कर्स को अब मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी।
- पहले से मौजूद बीमारियों का भी इलाज कवर होगा।
- उन्हें महंगे अस्पतालों में इलाज के लिए पैसे की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।
- यह फैसला लाखों गिग वर्कर्स और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।
सरकार के इस फैसले से गिग वर्कर्स को पहली बार स्वास्थ्य बीमा सुरक्षा मिलेगी, जिससे वे अधिक सुरक्षित और निश्चिंत होकर काम कर सकेंगे।
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