अंडरवर्ल्ड डॉन मुथप्पा राय की 68 साल की उम्र में कैंसर से मौत, आखिरी समय में कही ये बात

बंगलुरू। बंगलुरू के अंडरवर्ल्ड डॉन के नाम से पहचाने जाने वाले माफिया डॉन मुथप्पा राय (Mafia Don Muthappa Rai) की शुक्रवार को कैंसर से मौत हो गई। वह 68 साल का था। शुक्रवार को एक निजी अस्पताल में देर रात 2:30 बजे राय ने अंतिम सांस ली। एक रिपोर्ट के मुताबिक, उसने मरने से पहले कहा कि वो एक सच्चा देशभक्त है। मुथप्पा ने 30 साल तक डॉन के रूप में बंगलुरू पर राज किया था। दक्षिण कन्नड़ के पुत्तूर शहर में तुलु भाषी बन्त परिवार में जन्मे राय ने कम उम्र में ही अपराध की दुनिया में कदम रख लिया था।

2002 में संयुक्त अरब अमीरात से भारत लाया गया

2002 में संयुक्त अरब अमीरात से भारत लाया गया

कर्नाटक पुलिस ने राय के खिलाफ हत्या और साजिश समेत आठ मामलों में गिरफ्तारी वारंट तक जारी किया। साल 2002 में राय को संयुक्त अरब अमीरात से भारत लाया गया था। उसे यहां लाए जाने पर, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबाआई), अनुसंधान एवं विश्लेषण विंग (रॉ), खुफिया ब्यूरो (आईबी) और कर्नाटक पुलिस समेत कई जांच एजेंसियों ने उससे पूछताछ की थी। बाद में सबूतों की कमी के कारण उसे बरी कर दिया गया।

1980 में अंडरवर्ल्ड के संपर्क में आया

1980 में अंडरवर्ल्ड के संपर्क में आया

1980 के दशक में राय बंगलुरू के अंडरवर्ल्ड के संपर्क में आया और 1990 में बंगलुरू के तत्कालीन सांसद जयराज के मर्डर के बाद वो रातोंरात माफिया बॉस बन गया। 1990 के दशक में राय दाऊद इब्राहिम के दाहिना हाथ कहे जाने वाले शरद शेट्टी के संपर्क में आ गया। शरद शेट्टी दुबई में डी कंपनी के मामलों को संभाल रहा था और क्रिकेट मैच फिक्सिंग और सट्टेबाजी के कारोबार का प्रभारी था।

एथलेटिक्स एसोसिएशन का चेयरपर्सन भी बना

एथलेटिक्स एसोसिएशन का चेयरपर्सन भी बना

साल 2000 में शरद शेट्टी को दुबई में गिरफ्तार कर लिया गया, जिसके बाद मुथप्पा खाड़ी भाग गया। 2002 में दुबई के अधिकारियों ने बंगलुरू में मुथप्पा को गिरफ्तार किया, लेकिन सबूतों के अभाव में सभी आरोपों से बरी कर दिया। मुथप्पा राय ने खुद को रियल एस्टेट क्षेत्र में एक व्यवसायी बताया। वह 2018 में कर्नाटक एथलेटिक्स एसोसिएशन का चेयरपर्सन भी चुना गया। हालांकि राजनीतिक मैदान में उतरने की काफी चर्चा रही पर वो राजनीति में उतर नहीं पाया।

फिल्मों में भी काम किया

फिल्मों में भी काम किया

अपने जीवन को सुधारने के प्रयास में राय ने एक परमार्थ संगठन 'जय कर्नाटक' की स्थापना की थी। उसने साल 2011 में तुलु फिल्म कांचिल्डा बाले और 2012 में कन्नड़ फिल्म कटारी वीरा सुरसुंदरंगी में अभिनय भी किया था। बॉलीवुड निर्देशक राम गोपाल वर्मा राय के जीवन पर आधारित एक फिल्म बनाना चाहते थे, लेकिन किसी वजह से फिल्म अटक गई। उसके परिवार के सूत्रों ने बताया कि राय का अंतिम संस्कार शुक्रवार को बिदादी में किया जाएगा।

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