'पाकिस्तान से कश्मीर बचाने के लिए नेहरू ने RSS से मांगी थी मदद'
भोपाल। केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने दावा किया है जम्मू कश्मीर पर पाकिस्तान ने जब अटैक किया था, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक से मदद मांगी थी। उमा भारती के अनुसार, आजादी के ठीक बाद जम्मू कश्मीर को बचाने के लिए संघ के स्वयंसेवकों ने मदद की थी। उमा भारती का यह बयान आरएसएस चीफ मोहन भागवत के सेना पर दिए बयान के बाद आया है, जब उन्होंने कहा था कि इंडियन आर्मी को छह से सात महीने लग जाएंगे, संघ के स्वयंसेवकों को लेंगे तो तीन दिन में तैयार हो जाएंगे। बता दे कि बीजेपी की फायर ब्रांड उमा भारती दिल्ली से दूर अपने भोपाल आवास में हैं।

उमा भारती ने कहा है कि जब पाकिस्तान ने अचानक हमला किया, जब देश के पीएम नेहरू दुविधा में थे और दुश्मन के सैनिक अचानक उधमपुर तक आ गए थे। उमा भारती ने आगे कहा, 'हमला अचानक हुआ था, इसलिए सेना के पास उस समय तत्काल पहुंचने के लिए अत्याधुनिक हथियार नहीं थे। उस समय नेहरू जी ने गुरु गोलवल्कर को पत्र लिखकर आरएसएस के स्वयंसेवकों की मदद मांगी। आरएसएस के स्वयंसेवक मदद के लिए जम्मू-कश्मीर गए थे।'
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का बचाव करते हुए उमा भारती ने कहा कि माफी तो जेएनयू वालों को मांगनी चाहिए, जिन्होंने सेना का अपमान किया है। उमा भारती ने कहा कि सेना पर पत्थर फेंके गए, गालियां दी गई और रेप के आरोप लगाए गए, ये बोलने की आजादी है, लेकिन जब आरएसएस यह कहे कि वे देश के लिए जान दे सकते हैं तो यह सेना का अपमान हो गया।
बता दें कि उमा भारती ने इन दिनों दिल्ली से दूरी बना रखी है और वे फिलहाल भोपाल में है। सूत्रों के मुताबिक, उमा भारती सरकार से नाराज चल रही है, लेकिन उमा भारती का कहना है कि वे स्वास्थ्य कारणों की वजह से भोपाल में हैं।












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