महाराष्ट्र में दही हांडी आयोजन को लेकर उद्धव ठाकरे आज करेंगे अहम बैठक
मुंबई, 23 अगस्त। जन्माष्टमी का त्योहार नजदीक है और इसको लेकर लोगों के भीतर जबरदस्त उत्साह है। महाराष्ट्र में जन्माष्टमी के त्योहार को विशेष रूप से दही हांडी तोड़कर मनाया जाता है। लेकिन कोरोना महामारी के चलते लोगों को प्रोटोकॉल का पालन कराते हुए त्योहार को मनाने की अनुमति देना कठिन चुनौती है। इसी को लेकर आज महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे अहम बैठक करने जा रहे हैं। उद्धव ठाकर दही हांडी को-ऑर्डिनेशन कमेटी के साथ मुंबई में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक करेंगे। बता दें कि कई दही हांडी मंडल ने राज्य सरकार से छोटे स्तर पर दही हांडी मनाने देने की अपील की है।

गौर करने वाली बात है कि महाराष्ट्र में दही हांडी की परंपरा काफी पुरानी है और लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय है। इसे हर साल पर्व की तरह मनाया जाता है। लेकिन कोरोना के चलते इस बार बड़े स्तर पर दही हांडी का आयोजन संभव नहीं है। यही वजह है कि तमाम दही हांडी कमेटियों ने छोटे स्तर पर इसके आयोजन की मांग की है। जिसे ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इन कमेटियों के साथ आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बुलाई है जिसमे इस बात पर फैसला लिया जाएगा कि दही हांडी के आयोजन को अनुमति दी जानी है या नहीं।
दही हाडी के लिए बहुत पहले से ही बच्चे और युवा तैयारी शुरू कर देते हैं, वह इसका अभ्यास भी करते रहते हैं। इसके लिए जमीन से तकरीबन 20-30 फीट ऊंचाई पर मिट्टी की मटकी को लटकाया जाता है जिसे तोड़ने के लिए बच्चे और युवा एक दूसरे के ऊपर चढ़कर एक पिरामिड बनाते हैं। बॉलीवुड की कई फिल्मों में भी दही हांडी को फिल्माया गया है। जो टीम रइस दही हांडी को तोड़ती है उसे इनाम के रुप में पुरस्कार मिलता है। इस पर्व को मनाने की परंपरा की बात करें तो भगवान श्रीकृष्ण माखन को छुपाने के लिए इसे मटकी में ऊंचाई पर लटका देते थे। इसी से प्रेरित होकर इस परंपरा को मनाया जाता है।












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