'सारी हदें पार कर रहे .., मराठियों का अपमान और लोगों को बांटने की कोशिश', गवर्नर कोश्यारी पर भड़के उद्धव ठाकरे
राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी (Bhagat Singh Koshyari) के राजस्थानी गुजराती बयान से महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। अपने बयान से महामहिम चौतरफा घिर गए हैं।
मुंबई, 30 जुलाई : राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी (Bhagat Singh Koshyari) के राजस्थानी गुजराती बयान से महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। अपने बयान से महामहिम चौतरफा घिर गए हैं। शिवसेना, मनसे और कांग्रेस ने उनके बयान का विरोध किया है। इस बीच महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भी उनके बयान पर भड़के नजर आए। उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने मराठियों का अपमान किया है, जिससे लोगों में गुस्सा है। वे समाज को बांटने की कोशिश कर रहे हैं।
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'धर्म के नाम पर लोगों को बांटने की कोशिश'
उद्धव ठाकरे ने कहा कि मैं राज्यपाल के पद पर बैठे किसी का अपमान नहीं करना चाहता। मैं कुर्सी का सम्मान करता हूं लेकिन भगत सिंह कोश्यारी ने मराठियों का अपमान किया और लोगों में गुस्सा है। कहा कि वे धर्म के आधार पर समाज को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही वे हर हद पार कर रहे हैं।

'मराठी गौरव का अपमान'
शिवसेना प्रमुख ने कहा कि राज्यपाल राष्ट्रपति का दूत होता है, वह पूरे देश में राष्ट्रपति की बातों को मानता है। लेकिन अगर वही गलती करे तो उनके खिलाफ कार्रवाई कौन करेगा? उन्होंने मराठियों और उनके गौरव का अपमान किया है।

नाना पटोले ने पद से हटाने की मांग की
उधर, महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने भी राज्यपाल की टिप्पणी की निंदा की है। गवर्नर से उन्होंने महाराष्ट्र की जनता से माफी मांगने की मांग की है। साथ ही कहा है कि तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटाया जाना चाहिए।

राज ठाकरे ने साधा निशाना
राज ठाकरे ने मराठी में एक नोट साझा करते हुए लिखा कि महाराष्ट्र के इतिहास के बारे में आपको कुछ नहीं पता है। इसके बारे में बात न करें। मराठी के लोगों को यानी मराठी मानुष को मूर्ख मत बनाइए। उन्होंने राज्यपाल कोश्यारी से आगे सवाल करते हुए कहा कि राज्य में मराठी लोगों की वजह से नौकरी के अच्छे अवसर पैदा हुए। इसलिए दूसरे राज्यों के लोग यहां चले आए। क्या उन्हें ऐसा माहौल कहीं और मिलेगा?

क्या है राज्यपाल का बयान
मुंबई के अंधेरी पश्चिम क्षेत्र में शुक्रवार को एक स्थानीय चौक का नाम दिवंगत श्रीमती शांतिदेवी चम्पालालजी कोठारी के नाम पर रखा गया है। इसी कार्यक्रम में भाग लेने के लिए महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे हुए थे। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम में कहा, 'अगर महाराष्ट्र, खासकर मुंबई और ठाणे से गुजरातियों और राजस्थानियों को हटा (निकाल) दिया जाता है, तो यहां कोई पैसा नहीं बचेगा। देश की आर्थिक राजधानी नहीं रह पाएगी मुंबई।
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