उबर ने मनाया बेबी उबर का पहला जन्मदिन

उबर ने मनाया उबर का पहला जन्मदिन, उबर के सीईओ ने की बच्चे से मुलाकात, बच्ची की उच्च शिक्षा के लिए कंपनी ने दी 12000 यूएस डॉलर की स्कॉलरशिप

नई दिल्ली। उबर कैब में पिछले वर्ष दिसंबर माह में पैदा हुई बच्ची का नाम उबर रखा गया था, उबर के पहले जन्मदिन के मौके पर कंपनी के सीईओ ट्रैविश कैलानिक ने बच्ची से मुलाकात की और उसका जन्मदिन मनाया। इस मौके पर उन्होंने की शिक्षा का खर्च खुद उठाने का ऐलान किया। बच्ची की उच्च शिक्षा के लिए 12000 यूएस डॉलर की स्कॉलर्शिप का भी उन्होंने ऐलान किया।

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मां बोलीं हमारे लिए बड़ी बात

इस मौके पर भारत में उबर के अध्यक्ष अमित जैन भी मौजूद थे। उबर के जन्मदिन के मौके पर उसकी मां, पिता, दादा सहित तमाम परिवार के सदस्य भी साथ थे। जो पैसा उबर को दिया गया है उसे उसकी उच्च शिक्षा पर खर्च किया जाएगा, जब वह 18 वर्ष की हो जाएगी। उबर के सीईओ ट्रैविस ने उबर को एक टेडी भी उपहार में दिया। उबर की मां ने कहा कि हम गरीब हैं और इतना बड़ी स्कॉलरशिप हमारे लिए बड़ी खुशी की बात है।

फाइव स्टार होटल में मना जन्मदिन
उबर की मां ने बताया कि उबर वालों ने उबर का जन्मदिन पांच सितारा होटल में मनाया, इसके लिए हम उनके शुक्रगुजार हैं। उबर का जन्म जब होने वाला था तो कई बार एंबुलेंस को फोन करने के बाद जब वह नहीं आई तो उबर कैब को बुलाया गया, लेकिन रास्ते में ही बबली ने उबर को कैब में ही जन्म दिया। जिसके बाद बच्चे का नाम उबर रखा गया। जिस वक्त उबर का जन्म हुआ उस वक्त कैब को शाहनवाज खान चला रहे थे, जिन्होंने बबली की पूरी मदद की।

9 दिसंबर 2015 को जब बबली के पति ने कैब को फोन किया तो शाहनवाज को यह नहीं पता था कि महिला को लीवर पेन है। लेकिन शाहनवाज ने जानकारी मिलने के बाद मना कर दिया, बावजूद इसके वह बबली के पास पहुंचे और उन्होंने अस्पताल तक ले जाने में उनकी मदद की। इस वक्त उनके साथ दो अन्य महिलाएं भी साथ थीं।

ड्राइवर का मजाक बना हकीकत

बच्चे के जन्म के बाद शाहनवाज ने मजाक में कहा था कि इसका नाम उबर रखना चाहिए, लेकिन बबली ने इस बात को गंभीरता से लिया और बच्चे का नाम उबर रख दिया। शाहनवाज ने बताया कि मैं गाड़ी को सफदरगंज की ओर से जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना चाहता था क्योंकि दूसरे रास्ते पर काफी ज्यादा ट्रैफिक था। लेकिन महिला के दर्द की वजह से मैं तेज नहीं चला सका और मैंने उन्हें अपनी तौलिया दी और उन्हें पीने का पानी दिया। इसी बीच रास्ते में बच्चे का जन्म हुआ था। जब मैं अस्पताल पहुंचा तो डॉक्टर ने पूछा कि क्या आप इनके पति हैं, तब मैंने पूरी घटना उन्हें बताई, जिसके बाद उन्होंने मुझे बधाई दी, यह मेरे लिए बड़ी उपलब्धि है।

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