एशिया के सबसे बड़े सोलर प्लांट से पकड़े गए दो चीनी इंजीनियर, 72 घंटे में इंडिया छोड़ने का आदेश
भोपाल।

दोनों इंजीनियर टूरिस्ट वीजा पर आए थे भारत
पुलिस के अनुसार, रविवार को मुखबिर की सूचना पर सौर ऊर्जा प्लांट के अंदर दबिश दी और उन्हें हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने इस बारे में केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर उनके बारे में जानकारी दी। पुलिस ने गृह मंत्रालय को लिखे पत्र में स्पष्ट किया कि दोनों इंजीनियर सन युवान और जिंक यू मोशन रोबोट लिमिटेड चाइना के कर्मचारी हैं और टूरिस्ट वीजा पर भारत आए हैं। वे सौर ऊर्जा प्लांट में एस. इंटरप्राइजेज कंपनी के लिए काम कर रहे थे।

15 दिनों से चुके थे एक होटल में
पुलिस का आरोप है कि, एस. इंटरप्राइजेज कंपनी ने इसकी सूचना प्लांट के अधिकारियों ने पुलिस को नहीं दी थी और उसे गोपनीय रखा।विदेशियों की सूचना छिपाने पर प्लांट के स्प्रिंग कंपनी के इंजीनियर अविनाश दीक्षित के खिलाफ पुलिस ने विदेशी विषयक अधिनियम की धारा 7, 14 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके साथ ही होटल संचालक पर भी केस दर्ज किया गया है। क्योंकि उसकी ओऱ से भी पुलिस को सूचना नहीं दी गई थी। वह रीवा के एक होटल में 15 दिन से रुके थे।

इंजीनियर के खिलाफ सूचना छिपाने का मामला दर्ज किया गया
पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, जब पुलिस की टीम ने सोलर प्लांट की साइट पर छापा मारा तब दोनों इंजीनियर प्लांट में डेमो दे रहे थे। पुलिस ने इसकी सूचना पुलिस अधीक्षक समेत आईबी को भी दी। रीवा के पुलिस अधीक्षक आबिद खान ने बताया कि सोलर पावर प्लांट के इंजीनियर के खिलाफ सूचना छिपाने का मामला दर्ज किया गया है। वहीं पूरे मामले की जांच की जा रही है।












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