TSIA ने की 'वन भारत-वन रोड टैक्स' मॉडल की सिफारिश, जानें इससे क्या होगा फायदा?
टेक्नोलॉजी सर्विस इंडस्ट्री एसोसिएशन (TSIA) ने पूरे देश में 'वन भारत, वन रोड टैक्स' मॉडल की ओर कदम बढ़ाने की सिफारिश की है। जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, टीएसआईए एक समान सड़क कराधान व्यवस्था एक एकीकृत ढांचा लाएगी, जिससे आम आदमी आसानी से रोड टैक्स नियमों को समझ सके और फॉलो कर सके। चाहे वो देश में कहीं भी रह रहा हो।
'वन भारत, वन रोड टैक्स' मॉडल व्यवस्था में परिवर्तन लाएगा। जिससे न केवल उपभोक्ताओं, कार निर्माताओं, डीलरों और पूर्व स्वामित्व वाली कार स्टार्ट-अप को फायदा होगा, बल्कि सरकार और देश को भी भरपूर फायदा होगा। इस मॉडल से क्या होगा फायदा?

इंडियाटेक ओआरजी के सीईओ और अध्यक्ष रमीश कैलासम के मुताबिक, यह मॉडल टैक्स चोरी को भी कम करेगा। इसके साथ ही ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की बाधाओं को दूर करेगा। साथ ही पूर्व-स्वामित्व वाले वाहनों की अंतरराज्यीय बिक्री को आसान बनाएगा। कंज्यूमर्स को कठिन अनुपालन की प्रक्रिया का सामना नहीं करना पड़ेगा।
इंडियाटेक ओआरजी के पॉलिसी एंड ऑपरेशन्स सीनियर डायरेक्टर धीरज ज्ञानी के मुताबिक, रोड टैक्स निकालने के लिए अपने स्वयं के फॉर्मूले का पालन करता है। जिससे विभिन्न राज्यों में वाहन के एक ही मॉडल की अलग-अलग कीमतें होती हैं। अलग-अलग राज्यों में रोड टैक्स वाहन की लागत का 2 फीसदी से 18 फीसदी तक अलग-अलग होता है। सीधे शब्दों में कहें तो एक ही मॉडल के लिए ऑन रोड कीमतें अलग-अलग राज्यों में काफी अलग-अलग होती हैं। इसलिए खरीदारों को कारें अपने अधिवास या निवास के राज्य के बजाय दूसरे राज्य में खरीदानी पड़ती हैं, जहां दरें कम हों।
ब्लैक लिस्टेड वाहनों का पता चलेगा
इस मॉडल से पूर्व-स्वामित्व वाले वाहनों के लिए एक व्यापक केंद्रीय डेटाबेस होने से वाहन बेचे जाने पर हाइपोथेकेशन डिटेल को सत्यापित करने में मदद मिलेगी, ताकि खरीदारों को पहले से मौजूद हाइपोथेकेशन या अन्य शुल्कों के बारे में जानकारी मिले। इसके अलावा, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि VAHAN पोर्टल डेटाबेस पर ब्लैक लिस्ट वाहनों को शामिल करेगा। साथ ही ऐसे वाहनों को व्हाइटलिस्ट करने की प्रक्रिया के लिए नेशनल लेवल के दिशा निर्देश प्रदान करने से वाहनों के स्वामित्व और निपटान में और आसानी होगी।
इस बात की भी सिफारिश की गई है कि फॉर्म 29ए (पंजीकृत वाहन की बिक्री के लिए ऑथराइजेशन सर्टिफिकेट के ग्रांट या रेनेवल के लिए आवेदन) में डीलरों को या तो अपना जीएसटी पंजीकरण नंबर दर्ज करने या यह घोषित करने का ऑप्शन देना चाहिए कि वे इस्तेमाल किए गए वाहनों के लिए जीएसटी से छूट ले चुके हैं। कार डीलर जिनका टर्नओवर निर्धारित जीएसटी सीमा से काफी कम है। इंडियाटेक ओआरजी मौजूदा कानून के बजाय यूज्ड कार डीलरों (यूसीडी) के लिए केंद्रीकृत पंजीकरण का भी तर्क देता है, जहां पंजीकृत वाहनों के डीलरों का प्राधिकरण केवल उस पंजीकरण प्राधिकारी को दिया जा सकता है, जिसके अधिकार क्षेत्र में उनका व्यवसाय है।
क्या है इंडियाटेक ओआरजी?
इंडियाटेक ओआरजी टेक्नोलॉजी सर्विस इंडस्ट्री एसोसिएशन (TSIA) एक नॉन-फॉर-प्रॉफिट ऑगेनाइजेशन है। जिसका मकसद भारत में दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे सफल इंटरनेट कॉमर्स इको सिस्टम बनाना है। ऑर्गेनाइजेशन भारतीय कंज्यूमर इंटरनेट स्टार्ट-अप, यूनिकॉर्न और उनके निवेशकों के लिए पॉजिटिव बिजनेस करने के लिए एक सहयोगी मंच के रूप में कार्य करता है।












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