चुनाव में टीआरएस को खराब प्रदर्शन का था डर इसलिए भंग की विधानसभा: जीवीएल नरसिम्हा राव
नई दिल्ली। तेलंगाना विधानसभा के भंग किए जाने के पीछे क्या वजह रही यह साफ नहीं हुआ है कि आखिरी सत्ता में बैठी टीआरएस ने यह कदम क्यों उठाया। लेकिन दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी का मानना है कि टीआरएस ने यह फैसला जानबूझकर लिया है। क्योंकि अगर दोनों चुनावों को एक साथ कराया जाता तो टीआरएस को अपनी क्षमता के अनुसार प्रदर्शन न करने का डर था। बीजेपी नेता जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा है कि टीआरएस की सरकार को डर था कि अगर लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ आयोजित गया तो भारतीय जनता पार्टी का लाभ हो सकता है। और तेलंगाना राष्ट्र समिति के चुनावी प्रदर्शन को नुकसान पहुंचा सकता है। तभी टीआरएस को असेंबली को भंग करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता और राज्यसभा के सदस्य जीवीएल नरसिम्हा राव ने वन इंडिया को बताया, हम अनुमान लगाते हैं कि टीआरएस राज्य में जल्द से जल्द विधानसभा चुनाव कराना चाहती ताकि लोकसभा चुनाव का छाया उन पर ना पड़ पाए। उन्होंने कहा कि टीआरएस की ओर से विधानसभा भंग किए जाने के पीछे क्या मंशा है इसके लिए उनकी पार्टी के बयान का इंतजार है।
राव ने कहा कि टीआरएस के लोगों ने सोचा होगा कि वे अपनी क्षमता के अनुसार प्रदर्शन करने में सक्षम नहीं होंगे और नुकसान का सामना करेंगे। लोकसभा चुनाव के दौरान उन्हें बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा इसलिए विधानसभा चुनाव जल्दी कराना चाह रहे होंगे। हालांकि, आमतौर पर विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान वोटिंग पैटर्न में बदलाव नहीं होता है। लेकिन फिर भी बीजेपी को टीआरएस के आधिकारिक बयान का इंतजार है।
राव ने कहा कि हम वहां की राज्य सरकार से प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहे हैं कि उन्होंने सरकार को क्यों भंग कर दिया और क्या वे विधानसभा चुनाव को जल्द ही आयोजित करना चाहते हैं। टीआरएस लोगों को बताए कि उसने ऐसा क्यों किया। जहां तक बीजेपी का सवाल है, पार्टी किसी भी समय चुनाव का सामना करने के लिए तैयार है। टीआरएस का मानना है कि उसके लिए बीजेपी पार्टी एकमात्र चुनौती है क्योंकि कांग्रेस वहां पहले से विभाजित है।
सूत्रों की माने तो जहां तक संगठन को स्थापित करने की बात है तो तेलंगाना में बीजेपी बहुत आक्रामक रूप से काम कर रही है और जल्द ही प्रधानमंत्री और पार्टी अध्यक्ष की रैलियां भी आयोजित हो सकती हैं। टीआरएस बहुत अच्छी तरह से जानती है भाजपा ही है जो उसे चुनौती देने जा रही है। एक तरफ लोक जनशक्ति पार्टी राज्य में कुछ जगह तलाश रही है। लोक जनशक्ति पार्टी के सचिव और तेलंगाना के प्रभारी अजय कुमार ने कहा, मैं पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए जल्द ही राज्य की यात्रा करने की योजना बना रहा हूं और आकलन के बाद तय होगा कि वहां पर एनडीए के सामने कीतनी सीटों का डिमांड रखा जाए।
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