Triple Talaq Bill: रविशंकर प्रसाद बोले- यह बिल किसी जमात के खिलाफ नहीं, नारी सम्मान से जुड़ा है
नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र में ट्रिपल तलाक बिल पर लोकसभा में चर्चा हो रही है। इस दौरान विपक्षी पार्टियों ने इस बिल पर सवाल खड़े करते हुए, इसे ज्वाइंट सेलेक्ट कमेटी में भेजने की मांग की है। विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवाल पर कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है। ये बिल ना तो किसी जमात के खिलाफ है, ना ही किसी की आस्था और कम्युनिटी के खिलाफ है। ये बिल नारी की गरिमा और नारी सम्मान से जुड़ा है।

ट्रिपल तलाक बिल लोकसभा में पेश
लोकसभा में बहस के दौरान कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ट्रिपल तलाक बिल पर इससे पहले तमाम आपत्तियां जताई गई थी, उन आपत्तियों के बाद इसमें कई बदलाव किए गए। कांग्रेस पहले इस बिल पर चर्चा के लिए तैयार थी। जब दिसंबर में बिल लाए थे तब भी बिल लोकसभा में पास हुआ था, लेकिन राज्यसभा से लौट गया था। विपक्ष की कई सिफारिशों के मुताबिक बिल में बदलाव भी किए गए हैं और पीड़ित महिला के अधिकार पूरी तरह से सुरक्षित किए गए हैं।

रविशंकर प्रसाद ने तीन तलाक बिल पास कराने के लिए संसद से की अपील
लोकसभा में रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इस मामले को सियासत के तराजू पर नहीं इन्साफ के तराजू पर तौला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्या राजनीतिक कारणों से ट्रिपल तलाक की पीड़ित महिलाओं के पक्ष में कार्रवाई नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह बिल महिलाओं के न्याय से जुड़ा है और सदन को एक सुर में बोलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी तीन तलाक को असंवैधानिक करार दिया है। कोर्ट ने कहा कि हम संसद से अपील करेंगे कि वह तीन तलाक के खिलाफ बिल पारित करे।

'20 इस्लामिक देशों में तीन तलाक पर प्रतिबंध है'
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि जनवरी 2017 से लेकर 10 दिसंबर तक देशभर में 177 ट्रिपल तलाक के मामले सामने आए। 20 इस्लामिक देशों में तीन तलाक पर प्रतिबंध है तो भारत जैसा धर्मनिरपेक्ष देश ऐसा क्यों नहीं कर सकता है? इस बिल को राजनीति के नजरिए से नहीं देखा जाए। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ने ट्रिपल तलाक बिल को चर्चा के लिए पेश करने की मंजूरी दी, जिसके बाद कानून मंत्री ने सदन में बिल पेश कर दिया है।












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