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यह App बताएगी कब मिलेगा ट्रेन में कंफर्म टिकट, किस ट्रेन में कितनी जल्दी बुक होती है टिकट

नई दिल्ली। अगर आप छुट्टियों पर जाने का प्लान बना रहे हो या दफ्तर के किसी काम से बाहर जा रहे हो या फिर किसी इमरजेंसी की वजह से आपको बाहर जाना पड़े तो सबसे बड़ी समस्या होती है कंफर्म टिकट पाने की। ट्रेन में सफर करने के लिए कंफर्म टिकट पाना चुनौतीपूर्ण होता है। आप टिकट काउंटर, रेलवे की बेवसाइट और ट्रैवल एजेंटों के चक्कर काटते हैं, लेकिन आपको कंफर्म टिकट नहीं मिल पाता है। ट्रेन में टिकट की बुकिंग 120 दिन पहले ही शुरू हो जाती है। लेकिन फिर भी लोगों को कंफर्म टिकट नहीं मिल पाता। चंद घंटों के भीतर ही सीटें फुट हो जाती है और आपके पास वेटिंग टिकट का ही विकल्प बचता है।

 ये एप बताएगी कब बुकिंग करने से मिलेगा कंफर्म टिकट

ये एप बताएगी कब बुकिंग करने से मिलेगा कंफर्म टिकट

आपको ऐसी परेशानी से बचाने के लिए आज हम आपको एक ऐसी एप के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपको बता देगी कि कब टिकट बुक करें ताकि आपको कंफर्म टिकट मिल सके। RailYatri एप आपको बताएगी कि कितने घंटे, कितने दिन पहले टिकट बुक करने से आपको कंफर्म टिकट मिलेगी। ये एप आपको बताएगी कि किस रूट के किस ट्रेन की टिकट कितनी जल्दी बुक हो जाती है। इस एप की मदद से आप अपनी पसंदीदा ट्रेन की सारी टिकट बुक होने से पहले अपना टिकट बुक करा सकते हैं।

 कैसे काम करती है रेलयात्री एप

कैसे काम करती है रेलयात्री एप

रेल यात्री एप इतिहास के डेटा,डीप डेटा एनालिसिस पर आधारित है। ये एप इन्हीं डेटा स्टडी के आधार पर टिकटों की बुकिंग की स्पीड बताती है। टिकट बुकिंद की भविष्यवाणी के लिए पिछले कई महीनों की टिकट बुकिंग का अध्ययन किया जाता है। जिसके आधार पर एनालिसिस की जाती है। ऐसी कुछ लोकप्रिय ट्रेनें हैं, जिसकी टिकटें तो 5 से 6 घंटे के अंदर ही सोल्ड आउट हो जाती हैं। ऐसे ट्रेनों में 1 घंटे में लगभग 51 टिकट बुक हो जाती हैं। वहीं टिकट बुकिंग होने से दिन यानी 120 दिन पहले ओपन वाले वाली बुकिंग में से लगभग 90 प्रतिशत ट्रेनों में दो सप्ताह बाद ही सारी टिकट बुक हो जाती हैं। ऐसे में लगभग 10 लाख यात्रियों को कंफर्म टिकट नहीं मिलता है।

 एप में कैटेगरी में बांटी गई हैं ट्रेनें

एप में कैटेगरी में बांटी गई हैं ट्रेनें

इस एप ने यात्रियों को बेहतर सर्च देने के लिए ट्रेनों को कैटेगरी में बांटा है। रेल यात्री के को-फाउंडर और सीईओ मनीष राठी ने इस बारे में बताया कि एप में लोगों के बेहतर सर्च के लिए ट्रेनों की कैटेगरी बनाई गई है। जिसमें रश-ओ-मीटर फीचर जोड़ा गया है। इससे पता लगाया जा सकता है कि कौन -सी ट्रेन में कितनी जल्दी टिकट बुक हो जाती है। एप में तीन कैटेगरी की ट्रेनों में तेजी से बुक होने वाली ट्रेनों को 'सुपर-सोनिक' कैटेगरी में रखा गया है। जबकि थोड़ी धीरे बुक होने वाली ट्रेन को 'सब-सोनिक' कैटेगरी में रखा गया है। वहीं ऐसी ट्रेनें जिसमें टिकट बहुत धीरे बुक होती है उन्हें 'चक चक ट्रेन्स' की कैटेगरी में रखा गया है।एप के मुताबिक सुपसोनिक ट्रेनों में टिकट बुकिंग ओपने होने के पहले 12 घंटों में ही बुक हो जाता ही। जबकि सब सोनिक में बुकिंग ओपन के 6-7 दिन तक कंफर्म टिकट मिल सकता है। वहीं चक चक ट्रेनों में लंबे वक्त तक कंफर्म टिकट बचा रहता है।

 RAC टिकटों की भी भविष्यवाणी

RAC टिकटों की भी भविष्यवाणी

यह एप न केवल कंफर्म टिकट बुकिंग की भविष्यवाणी करता है बल्कि RAC टिकटों की उपलब्धता की भी भविष्यवाणी करता है। साथ ही साथ वेटिंग टिकटों के कंफर्म होने की कितनी संभावना है यह भी बताया है।

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