लद्दाख: 12 अक्टूबर को होगी कोर कमांडर लेवल की बात, सैन्य अधिकारियों ने राजनीतिक नेतृत्व के साथ तैयार की रणनीति
नई दिल्ली: लद्दाख से लगती एलएसी पर पिछले पांच महीने से विवाद जारी है। इस बीच कई बार युद्ध जैसे हालात बने। इस विवाद को सुलझाने के लिए 12 अक्टूबर को भारत-चीन के बीच कोर कमांडर लेवल की 7वें दौर की बात होनी है। जिस वजह से शुक्रवार को उच्च राजनीतिक नेतृत्व और सैन्य अधिकारियों ने इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही आगामी बैठक के लिए रणनीति तैयार की।

न्यूज एजेंसी एएनआई ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया कि शीर्ष सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व ने चीन के साथ 12 अक्टूबर को होने वाली बैठक को लेकर रणनीति बनाई है। ये बैठक 12 अक्टूबर को चुशुल में होनी है, जहां इस साल के अप्रैल-मई से दोनों देशों के करीब 50 हजार सैनिक आमने-सामने हैं। इस बैठक को लेकर भारत का स्पष्ट रुख है कि जब तब चीनी सेना पीछे नहीं हटती, तब तक विवाद नहीं सुलझ पाएगा।
सूत्रों के मुताबिक सातवें दौर की बात में फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह शामिल होंगे। इसके अलावा लेफ्टिनेंट जनरल पीजीके मेनन पहले ही लेह पहुंच चुके हैं। लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने पिछले साल अक्टूबर में इस कॉर्प्स की जिम्मेदारी संभाली थी। उनका ऑपरेशनल अनुभव काफी अच्छा है, जिस वजह से राजनीतिक नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताया है। वहीं विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, सीडीएस बिपिन रावत, सेना प्रमुख जनरल नरवणे, एयरफोर्स चीफ आरकेएस भदौरिया शुरू से ही इस विवाद को सुलझाने में लगे हैं। इसके अलावा अजीत डोभाल के नेतृत्व में कोर सुरक्षा टीम दक्षिणी और उत्तरी पैंगोंग झील क्षेत्र में गतिविधियां पर बरीकी से नजर रख रही है।












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