Today Top News: आज से पुतिन का दो दिवसीय भारत दौरा शुरू, एक क्लिक में जानें देश दुनिया की बड़ी खबरें
Today Breaking News India: आज के TOP 5 NEWS में हम आपके लिए लेकर आए हैं देश-दुनिया की सबसे बड़ी खबरें। मौसम अपडेट से लेकर राजनीति, खेल, मनोरंजन और इंटरनेशनल की टॉप सुर्खियों तक-यहां पढ़ें आज का पूरा समाचार सार।
राष्ट्रपति पुतिन का आज से भारत दौरा: 23वें शिखर सम्मेलन पर नजर
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज (4 दिसंबर) दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत आ रहे हैं। इस यात्रा के दौरान, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 23वें द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। यह 2022 में यूक्रेन संघर्ष शुरू होने के बाद पुतिन का भारत का पहला दौरा है।

इस यात्रा से रक्षा, व्यापार, ऊर्जा और मुद्रा निपटान तंत्र को कवर करने वाले क्षेत्रों में महत्वपूर्ण समझौतों के निकलने की संभावना है। पुतिन ने कहा है कि रूस का उद्देश्य भारत के साथ सहयोग को "गुणात्मक रूप से नए स्तर" पर ले जाना और आर्थिक मुद्दों पर ठोस संवाद स्थापित करना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम 7 बजे 7 लोक कल्याण मार्ग पर उनके लिए निजी रात्रिभोज की मेजबानी करेंगे। पुतिन 5 दिसंबर तक दिल्ली में रहेंगे, ताकि भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी की 25वीं वर्षगांठ मनाई जा सके। 5 दिसंबर को सुबह 9 बजे राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में पुतिन को त्रि-सेवा 'गार्ड ऑफ ऑनर' सहित औपचारिक स्वागत दिया जाएगा। इसके बाद वह राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे।
23वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन की बैठक
सुबह 11 बजे, प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन हैदराबाद हाउस में 23वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन की बैठक करेंगे। उम्मीद है कि इस दौरान रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष और रणनीतिक सहयोग के क्षेत्रों में प्रमुख घोषणाएं और समझौते होंगे, जिसके बाद दोनों नेता एक संयुक्त बयान भी जारी करेंगे। शाम 4 बजे, दोनों नेता भारत-रूस व्यापार मंच को संबोधित करेंगे। अंत में, शाम 7 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति पुतिन के सम्मान में राजकीय भोज की मेजबानी करेंगी।
SIR प्रक्रिया पर आज फिर सुनवाई
स्पेशल इंसेंटिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसमें SIR की वैधता और पारदर्शिता पर कई सवाल उठे। इस मामले में अगली सुनवाई अब आज (4 दिसंबर) को होगी।
याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने चीफ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाला बागची के सामने अपनी दलीलें पेश कीं। सिंघवी ने तर्क दिया कि ECI को नियम बनाने का कोई अधिकार ही नहीं है और SIR प्रक्रिया आरपी एक्ट (RoPA) के दायरे से बाहर है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का काम नागरिकता का परीक्षण करना नहीं है और उसका पावर संविधान लेवल तक सीमित है, न कि पूरे राज्य या देश स्तर पर।












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