यौन उत्पीड़न से बचने के लिए लड़कियां लड़कों से उचित दूरी बनाएं, JNU के इस नोटिस पर क्यों मचा बवाल, जानें
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की आंतरिक शिकायत समिति द्वारा महिलाओं को यौन उत्पीड़न से बचने के लिए जो सलाह दी गई है उस पर उसकी खूब आलोचना हो रही है।
नई दिल्ली, 28 दिसंबर। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की आंतरिक शिकायत समिति द्वारा महिलाओं को यौन उत्पीड़न से बचने के लिए जो सलाह दी गई है उस पर उसकी खूब आलोचना हो रही है। दरअसल समिति की ओर से छात्राओं को इस बाबत जो एडवाइजरी जारी की गई है उसमें लिखा है कि, 'लड़कियों को पता होना चाहिए कि इस तरह के किसी भी उत्पीड़न से बचने के लिए (उनके और उनके पुरुष मित्रों के बीच) एक रेखा कैसे खींचनी है।' कमेटी ने यौन उत्पीड़न से बचने के लिए नोटिस में छात्राओं को पुरुषों से उचित दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। जेएनयू के एक छात्र संगठन अखिल भारतीय छात्र संघ (आइसा) ने इस नोटिस पर आपत्ति जताई है। यूनियन का कहना है कि जिन पर अत्याचार होता हैं, उन्हीं से अत्याचार से बचने के लिए कहा जा रहा है।

क्या लिखा है नोटिस में- जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की आंतरिक शिकायत समिति द्वारा जारी किए गए नोटिस के अनुसार- आंतरिक शिकायत समिति को ऐसी बहुत सी शिकायतें मिली हैं, जिसमें शोषण किसी करीबी मित्र द्वारा किया जाता है। लड़के कई बार जानबूझकर या गलती से दोस्ती में किए जाने वाले मजाक और यौन उत्पीड़न के बीच की महीन रेखा को पार कर जाते हैं। लड़कियों को भी ऐसे उत्पीड़न को टालने के लिए अपने पुरुष मित्रों से उचित दूरी बनानी चाहिए। यूनिवर्सिटी के सभी छात्रों को इसको लेकर काउंसलिंग सेशन देने की भी बात की गई है। यह सत्र 27, जनवरी 2022 को आयोजित किया जाएगा।
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हालांकि समिति की इस सलाह का चारों तरफ विरोध हो रहा है। आइसा ने समिति की सलाह का विरोध करते हुए कहा कि नोटिस में पीड़ितों को ही उत्पीड़न के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। यह सेशन एक दिखावा है और यह केवल जेएनयू को महिलाओं के लिए असुरक्षित स्थान बनाने की ओर ले जाएगा।












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