TMC के भीतर अंदरूनी कलह शुरू, सुखेंदु शेखर राय और कुणाल घोष के बीच दिखा विरोधाभास
Trinamool Congress Leaders Different Opinions: कोलकाता रेप कांड को लेकर सत्तारूढ़ पार्टी टीएमसी में मतभेद देखने को मिल रहा है। तृणमूल कांग्रेस के मुखर नेता और राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने सीबीआई से कोलकाता पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल और अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को पूछताछ के लिए हिरासत में लेने की मांग की है। वहीं कुणाल घोष ने इस मांग का कड़ा विरोध किया है।
शनिवार आधी रात को टीएमसी सांसद ने एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिए अपनी मांग रखी, जिसमें उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि सीबीआई को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि हिरासत में लेकर पूछताछ करना ज़रूरी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि महिला डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के बाद उसकी आत्महत्या की कहानी किसने फैलाई। उन्होंने सवाल किया कि जिस हॉल में उसका शव मिला था, उसकी दीवार क्यों गिराई गई और तीन दिन बाद खोजी कुत्ते का इस्तेमाल क्यों किया गया?

टीएमसी में आंतरिक गुटबाजी
इससे पहले रॉय ने 14 अगस्त को आरजी कार की घटना के खिलाफ महिलाओं द्वारा किए गए राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन का खुलकर समर्थन किया था। उन्होंने महिलाओं के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए धरने में शामिल होकर कहा था कि सभी को मिलकर इस भयावह घटना का विरोध करना चाहिए। उनके इस रुख के कारण अब टीएमसी के भीतर अंदरूनी कलह शुरू हो गई है।
इस बीच, तृणमूल के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने पुलिस कमिश्नर को हिरासत में लेने की रॉय की मांग का कड़ा विरोध किया है। रॉय के एक्स पर पोस्ट का जवाब देते हुए घोष ने लिखा, "मैं भी आरजी कर मामले में न्याय की मांग करता हूं। लेकिन मैं पुलिस कमिश्नर (सीपी) के मामले में इस मांग का कड़ा विरोध करता हूं।
कुणाल घोष ने सीपी विनीत गोयल का बचाव करते हुए कहा कि घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की। उन्होंने कहा, "व्यक्तिगत रूप से सीपी अपना काम कर रहे थे और जांच सकारात्मक दिशा में चल रही थी।" उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उनके वरिष्ठ नेता की तरफ से ऐसी पोस्ट आई।












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