TMC ने पार्टी नेता कुणाल घोष को 14 दिनों के लिए किया सेंसर, पार्थ चटर्जी के खिलाफ जारी किया था बयान
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने एक और पार्टी नेता के खिलाफ कार्रवाई की है। तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल के महासचिव और प्रवक्ता कुणाल घोष को 14 दिनों के लिए सेंसर कर दिया है।
कोलकाता, 07 अगस्त : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने एक और पार्टी नेता के खिलाफ कार्रवाई की है। तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल के महासचिव और प्रवक्ता कुणाल घोष को 14 दिनों के लिए सेंसर कर दिया है। इस बीच कुणाल घोष कुछ भी बोलने से परहेज करेंगे। पार्टी की तरफ से कोई बयान जारी नहीं करेंगे। कुणाल घोष ने पश्चिम बंगाल के बर्खास्त मंत्री और पार्टी के निलंबित नेता पार्थ चटर्जी के खिलाफ टिप्पणी की थी। इसके बाद टीएमसी ने कुणाल के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्हें 14 दिनों के लिए सेंसर कर दिया है।

वहीं, कोलकाता की एक अदालत ने एसएससी भर्ती घोटाले के मामले में पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी को 18 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। कोलकाता की एक विशेष पीएमएलए अदालत ने शुक्रवार को बंगाल के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
14 दिनों की जेल
5 अगस्त को पार्थ चटर्जी और उसके सहयोगी की ईडी की हिरासत की अवधि खत्म हुई थी। स्पेशल कोर्ट ने सुनवाई के बाद दोनों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अर्पिता मुखर्जी के वकील ने कहा था कि उनकी जान को खतरा है।
'भोजन की पहले जांच करें'
वकील ने कहा कि हम उसके लिए एक डिवीजन-1 कैदी श्रेणी चाहते हैं। उसके भोजन और पानी की पहले जांच की जानी चाहिए और फिर उसे दिया जाना चाहिए। ईडी के वकील ने भी समर्थन किया कि उनकी सुरक्षा को खतरा है क्योंकि 4 से अधिक कैदियों को नहीं रखा जा सकता है।
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