Tillu Tajpuriya Murder: आखिर दिल्ली की तिहाड़ जेल में क्यों होती है तमिलनाडु पुलिस की तैनाती?
टिल्लू ताजपुरिया की हत्या के वक्त तिहाड़ में तमिलनाडु पुलिस के जवानों की तैनाती थी। 7 जवानों के ऊपर इस मामले में कार्रवाई की गई है।

हाल ही में दिल्ली की तिहाड़ जेल में एक सनसनीखेज वारदात हुई, जहां कुछ कैदियों ने मिलकर गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की हत्या कर दी। इस मामले में तमिलनाडु पुलिस के 7 जवानों को सस्पेंड किया गया है। अब सवाल ये उठ रहा कि जब जेल दिल्ली की है, तो वहां पर तमिलनाडु के जवान क्या कर रहे?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 1980 के आसपास से ही तमिलनाडु स्पेशल पुलिस के जवानों की तैनाती तिहाड़ में की जा रही है। जेल के अंदर बंद ज्यादातर कैदी हिंदी भाषी होते हैं, जबकि तमिलनाडु पुलिस के जवान तमिल बोलते हैं। उनके अंदर भाषा के आधार पर को-आर्डिनेशन कम हो पाता है।
को-आर्डिनेशन कम होने की वजह से भ्रष्टाचार और लापरवाही की आशंका भी कम रहती है। ये जवान सुरक्षा के साथ ही जेल की सेल में छापेमारी भी करते हैं। उन्होंने कई बार ड्रग्स, मोबाइल, कैश आदि भी बरामद किए। वहीं जवानों की रिपोर्टिंग तो तिहाड़ जेल अधीक्षक को रहती है, लेकिन उन पर कार्रवाई का अधिकार तमिलनाडु पुलिस के पास ही रहता है।
बॉडी को ले जाते वक्त किया था वार
जेल में बंद तीन से चार कैदी चद्दर की मदद से टिल्लू की सेल तक पहुंच गए थे। वहां पर उन्होंने उसके ऊपर धारदार चीज से वार किया। इसके बाद जब पुलिसकर्मी उसके शव को ले जाने लगे, तो उनके सामने भी कैदियों ने वार किया। इसके बावजूद किसी जवान ने उनको नहीं रोका। घटना के वक्त वहां मौजूद सभी जवान तमिलनाडु के ही थे।
हाईकोर्ट ने भी उठाए थे सवाल
फिलहाल तिहाड़ जेल प्रशासन की सिफारिश पर तमिलनाडु पुलिस ने सात जवानों को सस्पेंड कर दिया, जिसके बाद उन्हें वापस भेज दिया गया। हाईकोर्ट ने भी इस घटना के लिए जेल प्रशासन को फटकार लगाई थी, साथ ही कहा था कि ये बर्दाश्त करने लायक घटना नहीं है। कोर्ट ने पुलिसकर्मियों द्वारा कोई एक्शन नहीं लिए जाने पर भी सवाल उठाए थे।












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