केजरीवाल ने 3 जिंदा आरटीआई कार्यकर्ताओं को दे दी श्रद्धांजलि

अपने भाषण की शुरुआत केजरीवाल ने इन चारों आरटीआई कार्यकर्ताओं के नाम के साथ किया। केजरीवाल ने अपने भाषण के दौरान समाज के हित के लिए शहीद होने वालों में अमित जेठवा, भानू देवानी, जयसुख भमभानिया और मनीषा गोस्वामी का नाम लिया। उन्हें श्रद्धांजलि दी, लेकिन इनमें से 3 कार्यकर्ता अभी जिंदा ही है।
Did You Know: आरटीआई को कानून बनने में 120 दिनों का वक्त लगा था।
केजरीवाल ने कहा कि मैं उन चारों को श्रद्धांजलि देना चाहता हूं जिन्होंने बीते 10 वर्ष में गुजरात में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया। केजरीवाल ने जिन चार आरटीआई एक्टिविस्टों के नाम लिए उनमें से केवल जेठवा की मौत हो चुकी है। बाकी के तीनों अभी भी जिंदा है। इनमे से एक कार्यकर्ता तो जल्द ही आम आदमी पार्टी में शामिल होने जा रहा हूं।
गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर अरविंद केजरीवाल गुजरात सरकार की पोल खोलने 4 दिनों की गुजरात दौरे पर थे। इस दौरान उन्हें अहमदाबाद में कुछ घंटों के लिए पुलिस हिरासत में भी लिया गया था। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
Did You Know: संसद द्वारा पारित आरटीआई कानून 12 अक्टूबर 2005 को लागू हुआ। इसे कानून बनने के 120 दिन का वक्त लगा था। भारत में भ्रटाचार को रोकने और समाप्त करने के लिये इसे बहुत ही प्रभावी कदम बताया जाता है।












Click it and Unblock the Notifications