अब नहीं कराना होगा कोई टेस्ट, यह मास्क मात्र 90 मिनट में बता देगा कि आप कोरोना से संक्रमित हैं या नहीं
एमआईटी और हारवर्ड यूनिवर्सिटी के इंजीनियरों ने एक ऐसा मास्क डिजाइन किया है, जिसे पहने के 90 मिनट के अंदर पता चल जाएगा कि आपको कोरोना है या नहीं।
नई दिल्ली, 16 सितंबर। एक तरफ जहां स्वास्थ्य विशेषज्ञ और दुनियाभर के वैज्ञानिक कोरोना की तीसरी लहर की संभावना जता रहे हैं। वहीं वैज्ञानिकों का एक धड़ा लोगों को इस वायरस से बचाने के लिए नए-2 प्रयोग कर रहा है। वैज्ञानिकों की पूरी कोशिश इस घातक संक्रमण पर काबू पाने की है। इसी कड़ी में एमआईटी और हारवर्ड यूनिवर्सिटी के इंजीनियरों ने एक ऐसा मास्क डिजाइन किया है, जिसे पहने के 90 मिनट के अंदर पता चल जाएगा कि आपको कोरोना है या नहीं। जी, हां जैसे ही आप इस मास्क को पहनेंगे, मास्क पहनने के 90 मिनट के भीतर आपको पता चल जाएगा कि आप कोरोना से संक्रमित है या नहीं।

विशेष प्रकार के सेंसरों से लैस है मास्क
उनकी वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा गया है कि यह मास्क छोटे और नष्ट किए जाने वाले ऐसे सेंसरों से बना है, जिन्हें अन्य फेस मास्क में भी फिट किया जा सकता है और अन्य प्रकार के वायरस का पता लगाने के लिए भी इनका इस्तेमाल किया जा सकता है। एक पत्रिका नेचर बायोटेक्नोलॉजी में इस मास्क के डिजाइन का जिक्र किया गया है। ये सेंसर फ्रीज-सूखे सेलुलर मशीनरी पर आधारित होते हैं जिसे अनुसंधान दल ने पहले इबोला और जीका जैसे वायरस के लिए पेपर डायग्नोस्टिक्स में उपयोग के लिए विकसित किया था। रिसर्चरों ने कहा कि इन सेंसरों को न केवल मास्क में बल्कि कोट जैसे परिधान में भी लगाया जा सकता है। इस अध्ययन में शामिल अमेरिका के मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) में प्रोफेसर जेम्स कॉलिन्स ने कहा हमने देखा कि वायरस या बैक्टीरियल न्यूक्लिक एसिड का पता लगाने के लिए कई तरह के सिंथेटिक जैविक सेंसर का उपयोग किया जा सकता है। इनसे कई जहरीले रसायनों का भी पता चल सकता है।

रिसर्चरों ने पेटेंट के लिए किया आवेदन
ये पहनने योग्य सेंसर और कोरोना का पता लगाने वाले फेस मास्क उस तकनीक पर आधारित हैं जिन्हें कोलिंन्स ने कई साल पहले विकसित करना शुरू कर दिया था। रिसर्चरों ने इस तकनीक के पेटेंट के लिए आवेदन किया है और वे ऐसे सेंसर विकसित करने के लिए एक कंपनी के साथ काम करना चाहते हैं। कोलिन्स ने कहा कि फेस मास्क एक ऐसा पदार्थ है जिसे संक्रमण से बचने के लिए सबसे तेजी से उपलब्ध कराया जा सकता है।

90 मिनट में आपके सामने आ जाएगा रिजल्ट
मास्क पहनने के बाद आपको सेंसर एक्टिवेट करना होगा। यूजर की निजता के लिए रिजल्ट केवल मास्क के भीतर की देखा जा सकता है। सेंसर मास्क के भीतर लगाए गए हैं ताकि पहनने वाले व्यक्ति की सांस में वायरल कणों का पता लगाया जा सके। मास्क के भीतर पानी का एक छोटा पैकेट लगा होता है जो बटन दबाने पर पानी रिलीज करता है। इसके बाद सेंसर जमे और सूखे तत्वों को हाइड्रेट करता है, जो मास्क के भीतर सांस की बूंदों का विश्लेषण करता है और 90 मिनट के अंदर आपको रिजल्ट दे देता है।












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