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मुजफ्फरनगर दंगे के बाद गांव छोड़ कर चले गए थे 70 परिवार, इस शख्स ने 43 की कराई घर वापसी

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मुजफ्फरनगर। पांच साल पहले, यूपी का मुजफ्फरनगर सुर्खियों में था। लोकसभा चुनाव से पहले राजनीतिक ध्रुवीकरण की वजह से पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में हिंदू-मुस्लिम दंगों को देखा गया था। हालांकि, जिले में दुलहेरा नामक एक गांव है, जहां मुख्यालय मुजफ्फरनगर से इस गांव में पहुंचने में लगभग एक घंटे का समय लगता है। इस गांव में हिंसा की एक घटना नहीं हुई थी।

डर की वजह से 70 परिवारों ने छोड़ा था घर

डर की वजह से 70 परिवारों ने छोड़ा था घर

हालांकि जाट वर्चस्व वाले इस गांव के 70 मुस्लिम परिवारों ने डर की वजह से अपने घर छोड़ बाहर चले गए थे लेकिन अब वो वापसी कर रहे हैं। एक ऐसे व्यक्ति के लिए धन्यवाद जो बहुसंख्यक समुदाय से संबंधित है। Inuth.com की रिपोर्ट के मुताबिक इन सभी परिवारों को गांव में वापस लाने के लिए गांव के एक किसान संजीव प्रधान का अहम योगदान है। संजीव उनक परिवारों की गांव वापसी कराने में जुटे हुए हैं जो 2013 में अपना सब कुछ छोड़कर चले गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक 70 में से अब तक 43 परिवार अपने घर आ गए है। लेकिन प्रधान सभी को लाने में जुटे हुए हैं।

गांव में हो गई थी काम करने वालों की कमी

गांव में हो गई थी काम करने वालों की कमी

संजीव प्रधान ने कहा कि 2013 में दुल्हारा गांव में कोई घटना नहीं हुई थी। लेकिन पड़ोसी गांव में दंगे की डर से ये परिवार गांव छोड़ दिए थे। उन्होंने कहा कि यह उन लोगों की वजह से जिन्होंने शाहपुर और पलडा जैसे अन्य गांवों में अपने परिवारों को छोड़ दिया था। मुस्लिम परिवारों के बाहर जाने की वजह से दुलहेरा गांव आर्थिक समस्याएं पैदा हुईं क्योंकि दैनिक मजदूरी मजदूरों की कमी हो गई।

वापस लाना चुनौतीपूर्ण कार्य

वापस लाना चुनौतीपूर्ण कार्य

संजीव प्रधान ने कहा कि उनके लिए यह चुनौतीपूर्ण कार्य है था क्योंकि क्योंकि एक तरफ, ग्रामीणों के बीच प्रतिरोध को दूर करना पड़ा जबकि दूसरी तरफ, उन मुस्लिम परिवारों को गांव में आने के लिए उनको समझाना। रिपोर्ट में बताया गया है कि ग्रामीणों ने गांव छोड़कर गए परिवारों को सामानों का पूरा ख्याल रखा था और बकायदा उन परिवारों से संपर्क में भी थे। इस तरह से एक बार फिर उनके बीच विश्वास पैदा किया जा रहा है। जो मुस्लिम परिवार लौटकर आए हैं उन्होंने कहा कि यहां अब शांति है। हालांकि वर्तमान प्रधान अरविंद कुमार का मानना है कि कुछ लोग दंगे के कुछ दिन बाद ही अपने गांव लौटने लगे थे।

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English summary
This man from Muzaffarnagar village helped Muslims, who fled during 2013 riots, return home
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