जम्मू कश्मीर से हटाई गई धारा 370 तो सोली सोराबजी बोले- राजनीतिक फैसला है, कोई क्रांति नहीं
नई दिल्ली। आज यानी सोमवार को गृहमंत्री अमित शाह ने आज धारा 370 को हटाने और जम्मू कश्मीर के पुनर्गठन का संकल्प राज्यसभा में पेश किया। इसे राष्ट्रपति ने मंजूरी दे दी है। ऐसे में मोदी सरकार ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 और 35ए हटा दिया है। अब जम्मू कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश हो गया है जिसकी विधानसभा होगी। वहीं लद्दाख भी बिना विधानसभा का केंद्र शासित प्रदेश होगा। इसे एक ऐतिहासिक फैसला माना जा रहा है और इस फैसले के आते ही लोगों के साथ साथ राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं।

ऐसे में पूर्व अटोर्नी जनरल सोली सोराबजी ने कहा कि - मुझे नहीं लगता कि इसमें कुछ क्रांतिकारी है। ये एक राजनीतिक निर्णय है। हालांकि ये को समझदार निर्णय नहीं है। वहीं बीजेपी नेता और पर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्विटर पर इस फैसले को लेकर लिखा - 'बहुत साहसिक और ऐतिहासिक निर्णय। श्रेष्ठ भारत - एक भारत का अभिनन्दन'।
इसके अलावा जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी इसका विरोध करते हुए कहा कि यह भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का दिन है। भारत सरकार का आर्टिकल 370 को खत्म करना गैरकानूनी और गैरसंवैधानिक है। भारत सरकार अपने फैसले को निभाने में नाकामयाब रही है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि- जम्मू-कश्मीर का बंटवारा कर दिया गया है। गौरतलब है कि राज्यसभा में इस प्रस्ताव को पेश करते अमित शाह ने कहा था कि सरकार इसके जरिए एक एतिहासिक गलती को सुधार रही है।
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