गरीब-मजदूर-श्रमिक वर्ग पर जो चोट पड़ी है, उनकी पीड़ा शब्दों में नहीं कही जा सकती-पीएम मोदी
नई दिल्ली- मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में रेडियो पर प्रसारित अपने 'मन की बात' कार्यक्रम के 12वें एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना संकट के चलते समाज के हर तबके पर पड़ी चोट का जिक्र किया है। उन्होंने कहा है कि समाज का कोई भी वर्ग इस संकट की चोट से पहुंची पीड़ा से बचा नहीं रह सका है। लेकिन, गरीबों और मजदूरों पर इसकी जो मार पड़ी है उनके दर्द और पीड़ा को तो शब्दों में भी बयां नहीं किया जा सकता।

देश में कोरोना वायरस की वजह से पैदा हुए संकट पर आज 'मन की बात' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने विस्तार से बात की है। उन्होंने कहा है, " हमारे देश में भी कोई वर्ग ऐसा नहीं है जो कठिनाई में न हो, परेशानी में न हो; और इस संकट की सबसे बड़ी चोट, अगर किसी पर पड़ी है, तो हमारे गरीब, मजदूर, श्रमिक वर्ग पर पड़ी है। उनकी तकलीफ, उनका दर्द, उनकी पीड़ा, शब्दों में नहीं कही जा सकती। हम में से कौन ऐसा होगा जो उनकी और उनके परिवार की तकलीफों को अनुभव न कर रहा हो। हम सब मिलकर इस तकलीफ को, इस पीड़ा को, बांटने का प्रयास कर रहे हैं, पूरा देश प्रयास कर रहा है।"
प्रधानमंत्री मोदी के मुताबिक "कोरोना के खिलाफ लड़ाई का यह रास्ता लंबा है। एक ऐसी आपदा जिसका पूरी दुनिया के पास कोई इलाज ही नहीं है, जिसका कोई पहले का अनुभव ही नहीं है, तो ऐसे में, नयी-नयी चुनौतियां और उसके कारण परेशानियां हम अनुभव भी कर रहें हैं। ये दुनिया के हर कोरोना प्रभावित देश में हो रहा है और इसलिए भारत भी इससे अछूता नहीं है।"
Recommended Video
पीएम मोदी बोले कि "जो दृश्य आज हम देख रहे हैं, इससे देश को अतीत में जो कुछ हुआ, उसके अवलोकन और भविष्य के लिए सीखने का अवसर भी मिला है। आज, हमारे श्रमिकों की पीड़ा में, हम देश के पूर्वीं हिस्से की पीड़ा को देख सकते हैं। जिस पूर्वी हिस्से में, देश का ग्रोथ इंजन बनने की क्षमता है, जिसके श्रमिकों के बाहुबल में, देश को, नई ऊंचाई पर ले जाने का सामर्थ्य है, उस पूर्वी हिस्से का विकास बहुत आवश्यक है। पूर्वी भारत के विकास से ही, देश का संतुलित आर्थिक विकास संभव है। देश ने, जब मुझे सेवा का अवसर दिया, तभी से, हमने पूर्वी भारत के विकास को प्राथमिकता दी है। मुझे संतोष है कि बीते वर्षों में, इस दिशा में, बहुत कुछ हुआ है, और अब प्रवासी मजदूरों को देखते हुए बहुत कुछ नए कदम उठाना भी आवश्यक हो गया है, और हम लगातार उस दिशा में आगे बढ़ रहें हैं।"
-
'मैं गृहस्थ नहीं हूं, लेकिन सब जानता हूं', महिला आरक्षण पर PM मोदी की 10 बड़ी बातें, बदल जाएगी संसद की सूरत! -
Nari Shakti Vandan: सरकार का 'मास्टरस्ट्रोक' है महिला आरक्षण? खड़गे का मोदी को पत्र, नारी शक्ति वंदन क्या है? -
16 की उम्र में आशा भोसले ने लता दीदी के सेक्रेटरी से की शादी, पति ने घर से निकाला, RD Burman ने थामा हाथ -
Asha Bhosle: कौन होगा आशा भोसले का उत्तराधिकारी? किसको मिलने वाली है अरबों की संपत्ति, दो नाम रेस में सबसे आगे -
Iran Vs America: शांति वार्ता में 'लात-घूंसे', तुर्किए मीडिया का दावा, क्यों भिड़े ईरानी मंत्री- ट्रंप के दूत -
MI vs RCB: विराट कोहली ने मुंबई में रच दिया इतिहास, दुनिया में पहली बार हुआ अनोखा कारनामा -
Asha Bhosle Last Post: 'मैं विलीन हो जाऊंगी', निधन से पहले ही आशा ताई ने लिख दिया था 'आखिरी सच' -
MI vs RCB: वानखेड़े में पसरा सन्नाटा, रोहित शर्मा लाइव मैच से बैटिंग छोड़ गए, आखिर क्या है कारण -
Asha Bhosle Net Worth: आशा भोसले कितनी छोड़ गईं प्रॉपर्टी? सिगिंग के अलावा कहां से करती थींं करोड़ों की कमाई -
Asha Bhosle Last Wish: अधूरी रह गई आशा भोसले की अंतिम इच्छा, पॉडकास्ट में बताया था क्या थी स्पेशल ख्वाहिश -
'मैं आखिरी जिंदा मुगल हूं', मंगेशकर परिवार में जन्मीं आशा भोसले ने कब और क्यों कही थी ये बात? -
Asha Bhosle का 92 साल की उम्र में हुआ निधन, मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में दिग्गज सिंगर ने ली आखिरी सांस












Click it and Unblock the Notifications