जिस वजह से भाजपा को मिली चुनाव में हार, 2019 में अब वही बन सकता है कांग्रेस की मुश्किल
नई दिल्ली। हाल ही में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव संपन्न हुए, जिसमे भाजपा शासित तीन राज्यों में कांग्रेस ने जीत दर्ज करते हुए भाजपा को सत्ता से बाहर कर दिया है। इन तीन राज्यों में से दो राज्यों में भाजपा की 15 साल से सरकार थी, माना जा रहा था कि इन दोनों ही राज्यों में पार्टी एक बार फिर से वापसी करेगी, लेकिन ऐसा हो नहीं सका और यहां पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। इन राज्यों में भाजपा की हार की एक बड़ी वजह थी राफे डील को लेकर विपक्षी दलों का मोदी सरकार पर हमला। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी लगातार तमाम रैलियों में पीएम मोदी पर राफेल डील को लेकर हमाल बोलते रहे।

सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया मुद्दा
चुनाव के ठीक बाद जिस तरह से सुप्रीम कोर्ट ने राफेल डील पर अपना फैसला सुनाते हुए इस मामले में दायर तमाम याचिकाओं को खारिज करते हुए का कि इस मामले की जांच करने की जरूरत नहीं है उसने मोदी सरकार को बड़ी राहत दी है। लेकिन कोर्ट का यह फैसला विधानसभा चुनाव से पहले आने पर इसका असर चुनाव के नतीजों पर देखने को मिल सकता था। हालांकि कोर्ट के फैसले के बाद संसद के शीतकालीन सत्र में मोदी सरकार को बड़ी राहत मिलेगी और विपक्ष के हमले की धार कुछ हद तक जरूर कुंद पड़ेगी।
केंद्र और पीएम मोदी पर बोला था हमला
कोर्ट ने जिस तरह से राफेल मामले पर अपना फैसला सुनाया है उसके बाद निसंदेह भाजपा इस फैसले को विपक्ष के खिलाफ पूरी तरह से इस्तेमाल करने की कोशिश करेगी। हालांकि इस मुद्दे को लेकर राहुल गांधी ने लगातार कई रैलियों में पीएम मोदी पर हमला बोला और पीएम मोदी को चोर कहा। ना सिर्फ राहुल गांधी, बल्कि अखिलेश यादव, मायावती, शरद पवार, उद्धव ठाकरे, ममता बनर्जी समेत तमाम विपक्षी दलों के नेताओं ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला और सीधे प्रधानमंत्री मोदी पर आरोप लगाए। तमाम राज्यों में हुए चुनाव के फैसले का इस मुद्दे का काफी हद तक असर पड़ा, लोगों के बीच विपक्ष यह सोच कुछ हद तक स्थापित करने में सफल रहा था कि राफेल डील में कुछ गड़बड़ है और कांग्रेस को इसका फायदा हुआ।
पहले भी हो चुका है
यह पहला मौका नहीं है जब किसी बड़े मुद्दे की वजह से चुनाव के नतीजों पर फर्क देखने को मिला और चुनाव खत्म होने के बाद कोर्ट इस मुद्दे को सिरे से खारिज किया हो। इससे पहले 2जी घोटाले को लेकर जिस तरह से कांग्रेस को अपनी सत्ता गंवानी पड़ी थी और उसके मंत्रियों को मंत्री पद से हाथ धोना पड़ा था। उसके बाद कोर्ट ने इन तमाम आरोपियो को रिहा कर दिया था। बहरहाल देखने वाली बात यह होगी कि कोर्ट के फैसले के बाद भाजपा आखिर किस तरह से 2019 के चुनावी अभियान में इसका फायदा उठाती है और विपक्ष पर हमला बोलती है।
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