पहलाज निहलानी ने साधा सेंसर बोर्ड पर निशाना, कहा-पद्मावती पर हुई वोट बैंक की राजनीति
नई दिल्ली। संजयलीला भंसाली की फिल्म पद्मावती पर उठा विवाद अब खत्म होता दिख रहा है। सेंसर बोर्ड ने कुछ बदलाव के बाद फिल्म को UA सर्टिफिकेट देने की बात कही है। बोर्ड के कहा है कि अगर फिल्म में कुछ बदलाव किए जाते हैं और फिल्म का टाइटल बदला जाता है तो फिल्म को सर्टिफिकेट दे दिया जाएगा। बोर्ड के फैसले पर सेंसर बोर्ड के पूर्व चेयरमैन ने सवाल उठाए हैं। जाने-माने निर्माता-निर्देशक और सेंसर बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी ने कहा है कि पद्मावती फिल्म पर सिर्फ वोटबैंक की सियासत की गई है।

पहलाज निहलानी ने कहा कि फिल्म पद्मावती को लेकर अब तक सिर्फ वोट बैंक की सियासत की गई है। उन्होंने सेंसर बोर्ड के मौजूदा अध्यक्ष प्रसून जोशी पर निशाना साधा और कहा कि सेंसर बोर्ड द्वारा पद्मावती को किनारे कर दिया गया था। इस फिल्म को किनारा किए जाने से सेंसर बोर्ड पर सवाल खड़े हुए। वहीं फिल्म में कट्स लगाने से फिल्म के निर्माताओं को काफी घाटा होगा। ऐसे में साफ-साफ दिख रहा है कि फिल्म पर वोट-बैंक की राजनीति हुई है। निहलानी ने सेंसर बोर्ड पर ताबड़तोड़ सवाल दागे और कहा कि पद्मावती को सेंसर बोर्ड ने नजरअंदाज कर दिया और इस फिल्म को चुनावों के बाद ही रिलीज किया जा रहा है।
बोर्ड के चैयरमैन भी मंत्रालय के दवाब में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेंसर बोर्ड के चेयरमैन भी मंत्रालय के दबाव में काम कर रहे हैं। वहीं सेंसर बोर्ड द्वारा फिल्म का नाम बदलने के फैसले पर उन्होंने कहा कि लोगों ने इस फिल्म को अभी देखा तक नहीं है, लेकिन विवादों को पैदा कर दिया गया है। आपको बता दें फिल्म को सेंसर बोर्ड द्वारा सर्टिफिकेट दिए जाने पर करणी सेना ने धमकी दी और कहा कि उनके लोग सिनेमाघरों के बाहर होंगे और इस फिल्म को दिखाने वाले हर सिनेमाघर में तोड़फोड़ की जाएगी।












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