तबलीगी जमात के प्रमुख मौलाना साद की कोरोना रिपोर्ट आई, वकील ने दी बड़ी जानकारी
नई दिल्ली- दिल्ली पुलिस से बचते फिर रहे तबलीगी जमात के मुखिया मौलाना साद कंधावली के लिए एक राहत की खबर बताई जा रही है। साद के वकील के मुताबिक तबलीगी जमात के चीफ मौलाना साद की कोविड-19 टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव आई है। बता दें कि दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उसे कोरोना वायरस का टेस्ट करवाने के लिए कहा था। इससे पहले वह किसी गुप्त ठिकाने पर छिपे रखकर खुद को सेल्फ क्वारंटीन करने का दावा किया था। बता दें कि जमात के निजामुद्दीन मरकज से निकले जमातियों ने ही लगभग पूरे भारत में बड़ी संख्या में कोरोना वायरस फैलाने का काम किया है।

मौलाना साद की रिपोर्ट निगेटिव-वकील
तबलीगी जमात के मुखिया मौलाना साद के वकील ने रविवार को बताया है कि जमात लीडर के कोरोना वायरस टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव आई है। माना जा रहा है कि अब मौलाना साद सोमवार को पूछताछ के लिए दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के सामने पेश हो सकता है। एक टीवी चैनल को शुक्रवार को दिए एक इंटरव्यू में उसने कहा था कि वह कोविड-19 का टेस्ट करवा चुका है और वह उसकी रिपोर्ट के आने का इंतजार कर रहा है। बता दें कि दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पिछले महीने की 31 तारीख को मौलाना समेत 7 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

साद के ठिकानों पर हो चुकी है छापेमारी
गौरतलब है कि पिछले 16 अप्रैल को प्रवर्तन निदेशालय ने मौलाना साद के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस भी दर्ज किया था। यह केस दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित जमात के हेडक्वार्टर से जुड़े एक ट्रस्ट और कुछ और लोगों से लेनदेन को लेकर दर्ज किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर के आधार पर निदेशालय ने इफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट भी दर्ज किया है। बता दें कि साद के खिलाफ दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और ईडी उसके यूपी के शामली जिला स्थित कांधला से जुड़े ठिकानों पर पिछले 23 अप्रैल को छापेमारी भी कर चुकी है। जानकारी के मुताबिक जांच एजेंसियों को साद के पास हजारों करोड़ की संपत्ति होने का पता चला है जो उसने गैर-वाजिब तरीके से हवाला के जरिए विदेशों से पैसे मंगवाकर जमा किए हैं। हालांकि, जब तक साद जांच एजेंसियों के हत्थे नहीं चढ़ता उसके बारे में और उसकी करतूतों के बारे में ठोस तरीके से कुछ भी नहीं कहा जा सकता।

नियमों की धज्जियां उड़ाकर धार्मिक आयोजन का आरोप
साद के खिलाफ दर्ज एफआईआर में निजामुद्दीन थाने के एसएचओ ने शिकायत की है कि उसने कोरोना वायरस के मद्देनजर भीड़ इकट्ठा नहीं करने के आदेशों का उल्लंघन करते हुए निजामुद्दीन की मरकज में भारी भीड़ जुटा रखी थी। बता दें कि पिछले महीने लॉकडाउन शुरू होने के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के दखल देने के बाद साद के कब्जे वाला मरकज खाली करवाया जा सका था। वहां पर साद ने धार्मिक मरकज के नाम पर हजारों की भीड़ जुटा रही थी, जिसमें सैकड़ों विदेशी मुसलमान भी थे। इस मरकज में कई लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके थे और उनका देश के लगभग हर राज्यों तक कोरोना पहुंचाने में सबसे बड़ा हाथ माना जाता रहा है। दिल्ली, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में तो आज भी जमात से जुड़े संक्रमितों की ही संख्या सबसे ज्यादा है। साद पर सिर्फ जमात में भीड़ इकट्ठा करने का नहीं, बल्कि कोरोना को लेकर गलत जानकारी फैलाने के भी आरोप हैं, जिसके चलते कोरोना की लड़ाई कमजोर पड़ी। इतना ही नहीं मरकज से निकलते जमातियों ने देश भर में कोरोना योद्धाओं के साथ बदतमीजी और अश्लील हरकतें भी की हैं।
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