किश्तवाड़ में आतंकवादियों ने दो ग्राम रक्षा गार्डों की हत्या की, अधिकारियों और नेताओं ने निंदा की
अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि जम्मू और कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकवादियों ने दो ग्रामीण रक्षा गार्डों को मार डाला। पीड़ित, नज़ीर अहमद और कुलदीप कुमार, मुंज़ला धार वन में पशु चराते समय अपहरण कर लिए गए थे। घने वन क्षेत्र में पुलिस और सेना द्वारा संयुक्त तलाशी अभियान जारी है।

हत्याओं की व्यापक रूप से निंदा हुई है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जिनमें राष्ट्रीय सम्मेलन, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, कांग्रेस और भाजपा शामिल हैं, ने अपना आक्रोश व्यक्त किया है। सिन्हा ने आतंकवादी संगठनों को खत्म करने और हमले का बदला लेने की कसम खाई।
घटना का विवरण
नज़ीर अहमद और कुलदीप कुमार, दोनों ओहली-कुंटवारा के निवासी, जंगल में जाने के बाद लापता हो गए। कुमार के भाई, पृथ्वी ने आतंकवादियों द्वारा उनके अपहरण और हत्या की पुष्टि की। जब आतंकवादियों ने पीड़ितों के फोन का उपयोग निष्पादन की तस्वीरें साझा करने के लिए किया, तो गांव को इस त्रासदी का पता चला।
आतंकवादी समूह ने ली जिम्मेदारी
पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े कश्मीर टाइगर्स ने हत्याओं की जिम्मेदारी ली। उन्होंने पीड़ितों की आंखों पर पट्टी बंधी हुई तस्वीरें साझा कीं। इस घटना से क्षेत्र में बढ़ती आतंकवादी गतिविधियों को लेकर चिंता बढ़ गई है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
मुख्यमंत्री अब्दुल्ला और राष्ट्रीय सम्मेलन के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने हिंसा की निंदा की। एक्स पर एक पोस्ट में, उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि इस तरह के कार्य जम्मू और कश्मीर में शांति प्रयासों में बाधा डालते हैं। भाजपा के कविंदर गुप्ता और पीडीपी की महबूबा मुफ्ती जैसे अन्य नेताओं ने भी अपनी निंदा व्यक्त की।
बढ़ते आतंकवादी हमले
इस साल किश्तवाड़ और जम्मू के अन्य जिलों में आतंकवादी हमलों में वृद्धि देखी गई है। सुरक्षा एजेंसियां इसका श्रेय सीमा पार से संचालकों द्वारा इन क्षेत्रों में उग्रवाद को पुनर्जीवित करने के प्रयासों को देती हैं। सरकार इन खतरों का मुकाबला करने के लिए प्रतिबद्ध है।












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