तेलंगाना: मेडीगड्डा बैराज के टूटे हिस्से का निरीक्षण करने पहुंचे राहुल गांधी, तो लोग करने लगे ट्रोल
तेलंगाना विधान सभा चुनाव 2023 के लिए मतदान 30 नवंबर को होगा और चुनाव परिणाम 3 दिसंबर को वोटों की गिनती के बाद घोषित किए जाएंगे। वहीं चुनाव से पहले बीआरएस सरकार के कार्यकाल में निर्माण करवाए गए कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई योजना (केएलआईएस) के मेडीगड्डा (लक्ष्मी) बैराज के एक हिस्से के धसने की घटना ने विपक्षी पार्टियां को सुनहरा मौका दे दिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी इस मेडीगड्डा बैराज का निरीक्षण करने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के साथ पहुंच गए उन्होंने कहा कि घटिया निर्माण के कारण कई खंभों में दरारें आ गईं, रिपोर्टों से संकेत मिला है कि बैरात के खंभे धंस रहे हैं।

राहुल गांधी की इस निरीक्षण की फोटो और बयान के बाद बाद सोशल मीडिया पर बीआरएस नेता और लोग राहुल गांधी को ट्रोल कर रहे हैं। इसके साथ कांग्रेस और बीआरएस में तीखी नोकझोंक शुरू हो चुकी है।
बता दें कांग्रेस सांसद जब वॉयनाड सांसद राहुल गांधी ने तब बैराज का दौरा किया और पुलिस ने स्थानीय नेताओं को परियोजना के आसपास कहीं भी जाने की अनुमति नहीं है। बहुत मशक्कत के बाद कांग्रेस पार्टी के तेलंगाना प्रदेश अध्यक्ष रेवंत रेड्डी के साथ राहुल गांधी को बैराज पर जाने अनुमति दी गई।
राहुल गांधी और रेवंत रेड्डी पुल के उस क्षेत्र तक नहीं पहुंच गए, जो कुछ हद तक धंस गया था। यहीं पर दोनों नेताओं ने घाटों का बारीकी से निरीक्षण किया और फोटो सोशल मीडिया पर शेयर कर दी।
जिसमें राहुल गांधी को रेवंत रेड्डी ने दिखा किस खंभों के डूबने के कारण बैराज पर दरार जैसी दिखाई दे रही थी। कांग्रेस नेता को ट्रोल करने वाले अधिकांश बीआरएस समर्थकों ने लिखा गया कि गर्मी के कारण विस्तार के लिए पुल के दो हिस्सों के बीच का अंतर जानबूझकर खुला छोड़ दिया गया था और राहुल इस अंतर के महत्व को जानने के लिए कोई इंजीनियर नहीं थे। परियोजना के निर्माण की गुणवत्ता पर निर्णय पारित करें।












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