असम CM की धमकी के बीच पवन खेड़ा को बड़ी राहत, तेलंगाना HC ने दी अग्रिम जमानत
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को तेलंगाना हाई कोर्ट ने शुक्रवार को बड़ी राहत दी है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां शर्मा द्वारा दर्ज कराए गए एक मामले में कोर्ट ने खेड़ा को एक सप्ताह की अंतरिम अग्रिम जमानत मंजूर की है। यह मामला पासपोर्ट और संपत्ति के खुलासे से जुड़ी टिप्पणियों से संबंधित है।
कोर्ट ने खेड़ा को सात दिनों का समय दिया है ताकि वह इस दौरान संबंधित निचली अदालत में अपनी नियमित याचिका दायर कर सकें। आइए जानते हैं इस पूरे विवाद की मुख्य वजह क्या है?

पासपोर्ट और विदेशी संपत्ति के गंभीर आरोप
पवन खेड़ा ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान असम के मुख्यमंत्री की पत्नी पर चौंकाने वाले दावे किए थे। उनके आरोपों के अनुसार, रिंकी भुइयां शर्मा के पास भारत, यूएई और मिस्र के तीन अलग-अलग पासपोर्ट हैं। उनके पास दुबई में अघोषित लक्जरी संपत्तियां और अमेरिका के व्योमिंग (Wyoming) में एक कंपनी है।
मामले में क्या है सरमा परिवार का पक्ष?
मुख्यमंत्री के परिवार ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें 'एआई-जेनरेटेड' (AI-generated) फर्जी दस्तावेज करार दिया है। उनका कहना है कि ये दस्तावेज पाकिस्तानी सोशल मीडिया ग्रुप्स द्वारा भ्रम फैलाने के लिए तैयार किए गए हैं।
पुलिस की छापेमारी और मुख्यमंत्री की चेतावनी
अग्रिम जमानत मिलने से ठीक पहले असम पुलिस ने दिल्ली में पवन खेड़ा के आवास पर तलाशी ली थी। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, असम पुलिस 'पाताल' से भी लोगों को ढूंढकर ला सकती है। मुझे संदेह है कि राहुल गांधी ने उन्हें ये फर्जी दस्तावेज दिए हैं, इसलिए यह मामला उन तक भी पहुंचेगा। यह असम है, हमने 17 बार इस्लामी आक्रमणों के खिलाफ लड़ाई लड़ी है, हमें डराने की कोशिश न करें।'
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और बीजेपी का कटाक्ष
8 अप्रैल को हैदराबाद से पवन खेड़ा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह मीडिया के कैमरों को देखते ही अपनी कार की पिछली सीट पर नीचे की ओर झुकते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो को लेकर बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने तीखा हमला बोला। पूनावाला ने कटाक्ष करते हुए कहा कि जो नेता खुद को 'बब्बर शेर' बताते थे, वे आज पुलिस के डर से 'भीगी बिल्ली' की तरह छिप रहे हैं। उन्होंने लिखा कि खेड़ा कार के अंदर इसलिए झुक रहे थे ताकि कोई उन्हें देख न पाए। शायद उन्हें एहसास हो गया है कि उन्होंने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया है।
पवन खेड़ा पर मुख्य आरोप क्या हैं?
एफआईआर के अनुसार, पवन खेड़ा पर निम्नलिखित आरोप हैं:
- 1. फर्जी दस्तावेज: कथित तौर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में जाली कागजात पेश करना।
- 2. छवि खराब करना: मुख्यमंत्री और उनके परिवार की प्रतिष्ठा को जानबूझकर नुकसान पहुंचाना।












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