Telangana Exit Poll 2023: 70 सीटों से भी संतोष नहीं! तेलंगाना में क्यों डरी हुई है कांग्रेस?
Telangana Assembly Election Result 2023: तेलंगाना विधानसभा चुनावों को लेकर जितने भी एग्जिट पोल आए हैं, उनमें से अधिकतर में कांग्रेस की सरकार बनती दिख रही है।
कुछ ही एग्जिट पोल ऐसे हैं, जिसमें कांग्रेस बहुमत के आंकड़े तक नहीं पहुंच पा रही है। लेकिन, कांग्रेस नेताओं को देखकर लगता है कि वह अपने संभावित विधायकों को लेकर फिर भी अंदर ही अंदर काफी डरे हुए हैं।

तेलंगाना में 70 सीटों से भी कांग्रेस को संतोष नहीं!
119 सीटों वाली तेलंगाना विधानसभा चुनावों में सरकार बनाने के लिए कम से कम 60 सीटें चाहिए। लेकिन, कांग्रेस को 70 सीटें मिलने पर भी अपने संभावित विधायकों को लेकर पूरा भरोसा नहीं हो रहा है। पार्टी ने उन्हें अपने साथ जोड़े रखने के लिए फुलप्रूफ तैयारी की हुई है और हैदराबाद से लेकर बैंगलुरु तक बिसात बिछाई जा चुकी है।
पार्टी नेताओं की ओर से संभावना जताई जा रही है कि पार्टी सामान्य से ज्यादा बहुमत आने पर भी कांग्रेस अपने नव-निर्वाचित विधायकों को बेंगलुरु या अन्य शहरों में शिफ्ट कर सकती है।
कांग्रेस रविवार को करेगी आखिरी फैसला
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने टीओआई से कहा है, 'हालांकि पार्टी विधायकों को बेंगलुरु ले जाने का प्रपोजल पहले से ही है, जहां कांग्रेस की सरकार है, लेकिन आखिरी फैसला रविवार को होगा जब वोटों की गिनती होगी।'
'अगर कांग्रेस 70 सीटों का आंकड़ा नहीं पार कर पाती है तो...'
उन्होंने कहा कि 'अगर कांग्रेस 70 सीटों का आंकड़ा नहीं पार कर पाती है, तो पार्टी एमएलए को बेंगलुरु या किसी अन्य जगह पर ले जाया जाएगा और किसी स्टार होटल या रिसॉर्ट में पहुंचा दिया जाएगा। अगर पार्टी को 70 से अधिक सीटें मिलती हैं तो हो सकता है कि आला कमान विधायकों को शिफ्ट न करे। '
किसी भी विधायक को अकेले नहीं छोड़ेगी पार्टी
कांग्रेस के थिंक टैंक से जुड़े सूत्रों के मुताबिक जिन विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस को अपनी जीत पक्की लग रही है, वहां दो संयोजक भेजे जा रहे हैं। जैसे ही पार्टी उम्मीदवारों को चुनाव अधिकारी जीत का सर्टिफिकेट सौंपेंगे, उन्हें किसी अज्ञात जगह पर शिफ्ट किया जाएगा, जहां से बेंगलुरु भेजे जा सकते हैं।
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को जिम्मेदारी!
जानकारी के मुताबिक पार्टी अपने विधायकों को लेकर किसी तरह का रिस्क लेने के मूड में नहीं है। हर नव-निर्वाचित विधायकों को कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता दो से तीन वाहनों से फॉलो करेंगे।
सूत्रों ने यह भी बताया है कि विधायकों को बेंगलुरु या जहां कहीं भी रखा जाएगा, उसमें कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार बड़ा रोल निभाएंगे। वह पहले भी गुजरात और कर्नाटक के कांग्रेस-जेडीएस विधायकों को टूट-फूट से सुरक्षित रखने में सफल रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications