Telangana Encounter: मुठभेड़ में 20 लाख के इनामी माओवादी नेता समेत 7 ढेर, क्या है ऑपरेशन कगार?
Telangana Encounter: तेलंगाना के मुलुगु जिले में 1 दिसंबर को सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में सात माओवादी मारे गए। इनमें 20 लाख रुपये के इनामी माओवादी नेता कुरसम मंगू भी शामिल थे। यह मुठभेड़ राज्य के हाल के वर्षों में सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
सुरक्षा बलों के माओवादी विरोधी ग्रुप ग्रेहाउंड्स ने इस मुठभेड़ को अंजाम दिया। यह ऑपरेशन 23 नवंबर को दो आदिवासी युवकों की माओवादियों द्वारा हत्या के बाद शुरू किया गया था।

सुरक्षा बलों का सामना करीब 12-13 माओवादियों के एक समूह से हुआ, जिन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सात माओवादी मारे गए, जबकि बाकी जंगल में भाग गए।
मारे गए माओवादियों की पहचान
इस मुठभेड़ में मारे गए माओवादियों में प्रमुख नाम कुरसम मंगू का है, जिसे भद्रू या पापन्ना के नाम से भी जाना जाता था। वह छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले का निवासी था। अन्य मारे गए माओवादी हैं...
- एगोलापु मल्लैया (मधु), पेद्दापल्ली जिला समिति का सदस्य।
- मुसाकी देवल (करुणाकर), एतुरनगरम क्षेत्र समिति का सदस्य।
- मुसाकी जमुना, एरिया कमेटी सदस्य।
अन्य तीन की पहचान जय सिंह, किशोर और कामेश के रूप में हुई है।
मुठभेड़ में क्या बरामद हुआ?
सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार और सामग्री बरामद की, जिसमें शामिल हैं:
- दो AK-45 राइफलें
- एक G-3 राइफल
- एक INSAS राइफल
- .303 राइफल
- क्रांतिकारी साहित्य और किट बैग।
माओवादी गतिविधियों में बढ़ोतरी
तेलंगाना में माओवादी गतिविधियां पहले की तुलना में कम हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ से सटे सीमावर्ती क्षेत्रों में हिंसा होती रहती है। ऑपरेशन कगार जैसे अभियानों ने माओवादियों पर दबाव बढ़ा दिया है, जिससे वे सुरक्षित क्षेत्रों की तलाश में सीमावर्ती इलाकों में घुसने की कोशिश कर रहे हैं।
सुरक्षा बलों का अभियान जारी
मुठभेड़ के बाद भागे हुए माओवादियों को पकड़ने के लिए सुरक्षा बलों ने इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया है।
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह ऑपरेशन माओवादियों के लिए एक कड़ा संदेश है और सुरक्षा बल लगातार सीमावर्ती क्षेत्रों पर नजर रख रहे हैं।












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