तेलंगाना चुनाव: मतदान से पहले बीआरएस नेता कविता बोलीं- कांग्रेस में विश्वसनीयता की कमी है, हमेशा धोखे दिए
तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 30 नवंबर को होगा। इस बार के चुनाव में तीसरी बार जीत हासिल कर सत्ता हासिल करने की कोशिश में लगी सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) लगातार कांग्रेस पर हमले कर रही है। तेलंगाना मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की बेटी और बीआरएस एमएलसी कविता ने चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में विपक्षी पार्टी पर हमला बोला है।

एमएलसी के कविता ने कहा
"कांग्रेस कभी अपने वादों में खरी नहीं उतरी है, वो हमेशा धोखे के लिए खड़ी रही है। इसके साथ ही के कविता ने कहा कांग्रेस में विश्वसनीयता की कमी है।"
वर्ष 2022 में कथित दिल्ली शराब मामले में शामिल होने के आरोपों में सुर्खियों में आईं के कविता ने कहा "दिल्ली शराब घोटाले में मेरी कोई भूमिका नहीं है। वे व्यापक आरोप लगाना चाहते हैं और सबूत का बोझ मुझ पर डालना चाहते हैं।"
तेलंगाना में मतदान से पहले इंडियन एक्सप्रेस को दिए साक्षात्कार में कविता ने बीआरएस की कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बात की। इसके साथ ही बीआरएस की सरकार बनाने की संभाावनाओं और कांग्रेस को स्वयं को एक दावेदार के रूप में पेश करने के बारे में बात की।
क्या तेलंगाना में कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है, बीआरएस अभियान का ध्यान कांग्रेस को वोट न देने पर केंद्रित हो गया है?
इस प्रश्न के जवाब में बीआरएस नेता के कविता ने कहा 2018 चुनाव के समय भी कई सर्वे आए थे जिसमें कांग्रेस को आगे रखा गया था लेकिन अंत में बीआर के पक्ष में परिणाम आया। ऐसा ही इस बार भी होगा बीआरएस की ही जीत होगी। उन्होंने कहा उनकी अहंकारी और गैरजिम्मेदाराना सोच को जनता के सामने उजागर करना होगा। जो वे 50 साल में नहीं कर पाए वो हमने 10 साल में कर दिखाया।
कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में कल्याणकारी योजनाओं से बीआरएस को चुनौती देती नजर आ रही है, बीआरएस कैसे करेगी मुकाब? इस प्रश्न के जवाब में कविता ने कहा
नकल कभी मौलिक नहीं हो सकती। पिकासो की नकल कोई नहीं कर सकता। पायनियर्स को हमेशा प्रथव मवूर्स का फायदा मिलता है और बीआरएस को भी। उन्होंने कहा ये योजनाएं हमारे नेता के दिमाग की उपज है। किसानों को कैसे प्रोत्साहित किया जाए, इस बारे में किसी को थोड़ा भी अंदाजा नहीं था।
बीआरएस नेता कविता ने कहा
हमारे रायथु बंधु ने देश की इस सोच में क्रांति ला दी कि सरकारें कृषि को कैसे टिकाऊ बना सकती हैं। देश के बाकी हिस्सों ने हमारा अनुसरण किया, शुरुआत ओडिशा के कालिया कार्यक्रम से हुई और फिर प्रधानमंत्री की किसान सम्मान योजना से हुई। हमने बात पर अमल किया है और जो भी वादा किया था उसे लागू किया है। यहां विश्वसनीयता का पहलू सामने आता है, जिसका कांग्रेस में अभाव है। हमारे बीच जबरदस्त सद्भावना है।












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