तेलंगाना चुनाव: दक्षिण भारत में पकड़ मजबूत करने पर रहेगा बीजेपी का जोर
नई दिल्ली। तेलंगाना की 119 विधानसभा सीटों पर आज मतदान हो रहा है। प्रदेश में कुल 2.80 करोड़ मतदाता विधानसभा चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। भारतीय जनता पार्टी इस चुनाव में अकेले चुनाव मैदान में है और ये पार्टी के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है क्योंकि दक्षिण के राज्यों में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिहाज से ये विधानसभा चुनाव काफी अहम हो सकता है।

2014 में बीजेपी को 5 सीटों पर जीत मिली थी
दरअसल, बीजेपी ने साल 2014 में तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के साथ मिलकर 45 सीटों पर चुनाव लड़ा था। उस वक्त पार्टी को कुल 5 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। उप्पल, मुशीराबाद, अंबरपेट, गोशामहल और एलबी नगर हैदराबाद की सीटों पर बीजेपी उम्मीदवार जीते थे। इस चुनाव में बीजेपी भले ही बहुमत हासिल करने का दावा कर रही हो लेकिन ये इतना आसान नहीं दिखाई दे रहा है।

महागठबंधन 'महाकुटमी' और टीआरएस के बीच मुख्य मुकाबला
तेलंगाना में अभी तक मुख्य मुकाबला सत्ताधारी टीआरएस और महागठबंधन 'महाकुटमी' के बीच माना जा रहा है। इस महाकुटमी गठबंधन में कांग्रेस के अलावा टीडीपी, तेलंगाना जन समिति (टीजेएस) और भाकपा शामिल हैं जिसके कारण टीआरएस को भी कड़ी चुनौती मिलती दिखाई दे रही है। बीजेपी की बात करें तो पार्टी का पूरा फोकस अधिक से अधिक सीटों पर जीत हासिल करने पर होगा।

बीजेपी को मत प्रतिशत बढ़ने का भरोसा
तेलंगाना बीजेपी के नेताओं का मानना है कि पार्टी का मतदान प्रतिशत निश्चित रूप से बढ़ेगा। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव पी मुरलीधर राव का कहना है कि तेलंगाना की जनता टीआरएस के विकल्प के रूप में बीजेपी को चुनेगी। वहीं, चुनाव विश्लेषकों का कहना है कि कुछ सीटों पर बीजेपी कांग्रेस की संभावनाओं को नुकसान पहुंचाने का काम कर सकती है। बता दें कि चुनाव परिणाम 11 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे।












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