Telangana Election: ग्रेटर हैदराबाद में कुछ बड़ा करने की कोशिश में कांग्रेस, इन 7 सीटों पर नजर
कांग्रेस ने तेलंगाना में अबकी बार उत्तरी और दक्षिण जिलों में पूरा जोर लगाने के साथ-साथ अपने परंपरागत वोट बैंक को सहेजने के लिए भी पूरी शक्ति लगा दी है। कर्नाटक में उसकी यह रणनीति सफल भी रही है। इसके साथ ही पार्टी ने इस बार ग्रेटर हैदराबाद के लिए भी खास तरकीब लगाई है।
तेलंगाना में 30 नंवबर को कुल 119 सीटों के लिए वोटिंग होगी, जिसमें 24 सीटें अकेले ग्रेटर हैदराबाद इलाके में आती हैं। अगर 2020 के ग्रेटर हैदराबाद नगर नगर चुनाव के परिणाम देखें तो कांग्रेस यहां बीआरएस, बीजेपी और यहां तक कि एआईएमआईएम से भी काफी कमजोर नजर आती है।

ग्रेटर हैदराबाद की सात सीटों पर कांग्रेस का खास जोर
लेकिन, कांग्रेस के रणनीतिकारों ने इस बार ग्रेटर हैदराबाद से विरोधियों के दबदबे को खत्म करने का मंसूबा तैयार किया है। खासकर यहां की सात विधानसभा सीटों पर जीत सुनिश्चित करने के लिए पार्टी ने पूरी ताकत झोंक दी है।
जुबली हिल्स में अजहरुद्दीन से उम्मीद
ग्रेटर हैदराबाद की ये विधानसभा सीटें हैं- जुबली हिल्स, कुकटपल्ली, एलबी नगर, खैरताबाद, मुशीराबाद, सेरिलिंगमपल्ली और राजेंद्रनगर। जुबली हिल्स हैदराबाद का न सिर्फ एक पॉश इलाका है, बल्कि यहां मुसलमान वोटर भी बड़ी तादाद में हैं। यही वजह है कि पार्टी ने यहां पूर्व क्रिकेट मोहम्मद अजहरुद्दीन को टिकट दिया है।
उनका मुकाबला बीआरएस के मौजूदा एमएलए के साथ-साथ एआईएमआईएम के मोहम्मद फरसुद्दीन के साथ है। अजहरुद्दीन एक राष्ट्रीय चेहरे हैं और उसपर से उनके मुस्लिम होने की वजह से कांग्रेस को यहां अपनी दावेदारी मजबूत लग रही है।
ऊपर से निर्दलीय उम्मीदवार नवीन यादव ने नामांकन वापस ले लिया है और कांग्रेस को लगता है कि उनके समर्थन वाला वोट बैंक उसके प्रत्याशी के खाते में ट्रांसफर हो सकता है।
एलबी नगर पर कांग्रेस को चाहिए बदला
इसी तरह से पार्टी ने एलबी नगर से पूर्व सांसद मधु याशकी गौड़ को उतारा है। पार्टी को लगता है कि उनका हयातनगर कनेक्शन कांग्रेस के पक्ष में जा सकता है। कांग्रेस ने इस सीट को इसलिए भी नाक का सवाल बना लिया है, क्योंकि पिछली बार यहां से उसके टिकट पर जो उम्मीदवार जीते थे, वह बाद में उसका हाथ छोड़कर बीआरएस की कार में बैठ गए थे।
खैरताबाद में सहानुभूति की आस
इसी तरह से इसने खैरताबाद सीट से दिवंगत नेता पी जनार्दन रेड्डी (PJR) की बेटी पी विजया रेड्डी को टिकट दिया है। कांग्रेस के रणनीतिकारों को लगता है कि सहानुभूति लहर पर सवार होकर वह विधानसभा तक पहुंच जाएंगी।
वहीं सेरिलिंगमपल्ली में कांग्रेस ने मणिकोंडा नगर पालिका के अध्यक्ष कस्तुरी नरेंदर को उतारा है। पार्टी को लगता है कि वह मुसलमान वोट भी अपनी ओर खींच लाएंगे और पार्टी की एक सीट में बढ़ोतरी कर पाएंगे।
मुशीराबाद में कांग्रेस के उम्मीदवार हैं सिकंदराबाद के पूर्व सांसद अंजन कुमार यादव। इलाके में उनका एक अपना बड़ा जनाधार है और कांग्रेस को उनकी जीत पक्की लग रही है।
कुकटपल्ली में कांग्रेस ने कम्मा जाति के बंदी रमेश को टिकट दिया है। उनके प्रभाव से वह इस समुदाय के वोट बैंक से अन्य सीटों पर भी उम्मीद लगाए बैठी है।
2018 में कांग्रेस को ग्रेटर हैदराबाद में सिर्फ एक सीट मिली थी। 2020 में ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम चुनाव में भी बीआरएस और बीजेपी की आंधी में वह कहीं दिख नहीं पा रही थी।
लेकिन, इस बार वह अपनी रणनीति से इलाके के धुरंधर भारत राष्ट्र समिति, भारतीय जनता पार्टी और यहां तक कि एआईएमआईएम की रफ्तार पर भी ब्रेक लगाने की उम्मीद कर रही है।












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