Telangana: सीएम KCR अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के कार्यों से असंतुष्ट, मांगी विस्तृत रिपोर्ट
तेलंगाना में अल्पसंख्यकों के लिए बीआरएस अपने चुनावी घोषणा पत्र के जरिए बड़ा वादा कर सकती है। कथित तौर पर ये सामने आया है कि अल्पसंख्यक कल्याण विभाग और अल्पसंख्यक संस्थानों के प्रदर्शन से सरकार संतुष्ट नहीं है। ऐसे में सीएम केसीआर ने विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। कयास लगाए जा रहे हैं चुनावी मौसम में सीएम के इस निर्देश की बड़ी वजह है। सूत्रों के मुताबिक सीएमओ के इस निर्देश से पहले मुसलमानों के बीच असंतोष को वजह का जानकारी जुटाई जा रही है।
सीएम केसीआर के नेतृत्व वाली सरकार ने तेलंगाना के सर्वांगीण विकास के लिए कई बड़ी योजनाएं लागू की हैं। निर्वाचन आयोग की ओर से विधानसभा चुनाव के ऐलान से पहले बीआरएस सरकार ने दलित बंधु योजना जैसी एक स्कीम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 100% सब्सिडी दी जा रही है। जिसके तहत गरीबों को अधिकतम 1,00,000 रुपये की सहायता मिल रही है। लेकिन लाभार्थी चयन की प्रक्रिया में अनिमियतता भी सामने आई थी।

तेलंगाना सीएमओ के सूत्रों के मुताबिक केसीआर सरकार के मंत्रियों और विधायकों योजना के तहत पात्रों के चयन में विसंगतियां पाए जाने पर चिंता व्यक्त की है। बता दें कि तेलंगाना में अल्पसंख्यक वित्त निगम की ओर से महिलाओं को सिलाई मशीन वितरण में भी कुछ गड़बड़डी सामने आई थी। दरअसल, कुछ मंत्रियों ने सिलाई मशीन योजना के टेंडर आवंटन में बड़े पैमाने पर फंड के हेरफेर की शिकायत की थी। टेंडर कथित तौर पर मशीन की वास्तविक कीमत से कहीं अधिक कीमत पर दिया गया था। आरोप लगाया गया कि योजना के तहत 1 लाख रुपये जारी करने के लिए 20,000 रुपये का कमीशन लिया गया था। ऐसी शिकायतों के बाद मुख्यमंत्री ने विभिन्न अल्पसंख्यक योजनाओं को लेकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
इससे पहले सरकारी योजनाओं का लाभार्थी सूची में गड़बड़ी सामने आने पर सीएमओ की ओर मांगी गई रिपोर्ट का अधिकारियों ने जवाब दिया। मुख्यमंत्री को बताया गया कि पिछले दशक में अल्पसंख्यक कल्याण पर 10,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने के बावजूद इन योजनाओं के कार्यान्वयन में पारदर्शिता की कमी पाई गई।
वहीं अब सीएम के निर्देश पर मुख्यमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट तैयार करने का काम सौंपा गया है। जिसमें अल्पसंख्यक संस्थानों का प्रबंधन करने वालों के प्रदर्शन का विस्तृत मूल्यांकन भी शामिल है। सीएम केसीआर ने ये निर्देश अल्पसंख्यकों के हित में दिए हैं। सरकार ने ये साफ किया है कि सरकारी योजनाएं जिन वर्ग के लिए हैं, अगर उनका विकास उचित समय पर नहीं हो पाया या फिर अगर लाभार्थियों के चयन में किसी भी तरीके खामी पाई गई तो इसके जिम्मेदार विभाग के अधिकारी होंगे।
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