T Raja Singh Resigns: तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष मुद्दे पर बवाल, फायरब्रांड नेता टी.राजा सिंह ने पार्टी छोड़ी
T Raja Singh Resigns: तेलंगाना में बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम का अभी ऐलान भी नहीं हुआ है और पार्टी में बगावत शुरू हो गई। गोशामहल के विधायक और प्रदेश में बीजेपी के बड़े चेहरों में शुमार टी राजा सिंह ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि टी राजा सिंह तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ने दिए जाने से नाराज थे। सूत्रों के मुताबिक वह अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन हाई कमान ने रामचंदर राव के नाम पर मुहर लगाई। उन्होंने नामांकन भर दिया है और उनका निर्विरोध चुना जाना तय है।
T Raja Singh Resigns: अध्यक्ष नहीं बनाए जाने से थे नाराज
रामचंदर राव को अध्यक्ष बनाए जाने के पीछे एक बड़ी वजह प्रदेश के जातीय समीकरणों को साधना माना जा रहा है। राव तेलंगाना में ब्राह्मण समुदाय से आते हैं और चुनावी गणित को साधने के साथ ही संगठन मजबूत करने के लिए उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता दिल्ली में अगले पार्टी अध्यक्ष के नाम पर मुहर लगाने के लिए मंथन कर रहे हैं। ऐसे वक्त में दक्षिण भारत के राज्य से पार्टी को झटका लगा है। बीजेपी तेलंगाना में संगठन मजबूत करने की कोशिशों में जुटी है।

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तेलंगाना में थे पार्टी का बड़ा चेहरा
टी राजा सिंह तेलंगाना में लोकप्रिय नेताओं में शुमार किए जाते हैं और हिंदुत्व के साथ राष्ट्रवादी विचारधारा का खुलकर प्रचार करने की वजह से उन्होंने प्रदेश की राजनीति में अपनी जगह बनाई। यही वजह है कि प्रदेश में कांग्रेस के शानदार प्रदर्शन के बावजूद वह चुनाव जीतने में कामयाब रहे थे। पार्टी और संगठन को मजबूत करने और बीजेपी से आम युवाओं को जोड़ने के लिए वह लगातार रैलियां, सभाएं और कार्यक्रम भी कर रहे थे। उन्होंने तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष जी किशन रेड्डी को लिखे अपने इस्तीफे में कहा कि वह बहुत निराशा और दुख के साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ रहे हैं।
'लाखों कार्यकर्ताओं और जनता के साथ धोखा'
टी राजा सिंह ने अपने इस्तीफे में लिखा, 'मीडिया रिपोर्टों से पता चला है कि रामचंदर राव तेलंगाना बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष हो सकते हैं। यह फैसला मेरे लिए स्तब्ध कर देने वाला है। मेरे साथ खड़े लाखों कार्यकर्ताओं के लिए भी यह बेहद दुखी करने वाला फैसला है। कार्यकर्ता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।' टाइगर नाम से मशहूर टी राजा सिंह ने 2018 में गोरक्षा के मु्द्दे पर इस्तीफा दिया था, लेकिन पार्टी ने उसे स्वीकार नहीं किया था। अपने पत्र में उन्होंने लिखा कि वह हिंदुत्व के प्रसार और गोशामहल की जनता की सेवा करने के लिए आगे भी काम करते रहेंगे।
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