Teachers Day 2025: कॉलेज की दोस्त से इश्क कर बैठे थे विकास, दिलचस्प है दिव्यकीर्ति सर की Love Story
IAS Vikash Divyakirti Love Story on Teachers Day 2025: शिक्षक दिवस पर अगर IAS विकास दिव्यकीर्ति सर की बात ना हो तो फिर ये उनके छात्रों के लिए थोड़ी सी नाइंसाफी होगी। सोशल मीडिया के सेलिब्रेटी सर के नाम से लोकप्रिय विकास दिव्यकीर्ति आजकल बहुत सारे वीडियो में रिलेशनशिप के बारे में बातें करते दिखाई देते हैं, उनकी बातें लोगों पर काफी असर डालती है।
इसी कारण उनके फॉलोअर्स की संख्या भी बहुत ज्यादा है, वो टीचर के साथ 'मोटिवेशनल स्पीकर' की भूमिका भी निभा रहे हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके प्रिय सर ने भी मोहब्बत की थी और बड़ी ही शिद्दत के साथ की थी, आपको बता दें कि विकास दिव्यकीर्ति ने डॉ तरुणा वर्मा से प्रेम विवाह किया है।

उनकी पत्नी डॉ. तरुण वत्स उनसे किसी भी मामले में पीछे नहीं हैं। वो भी एक लोकप्रिय मोटिवेशनल स्पीकर हैं और सोशल मीडिया की लोकप्रिय हस्तियों में शामिल हैं। देखने में बला की खूबसूरत तरुणा को लोग 'ब्यूटी विद ब्रेन' कहते हैं। विकास और तरुणा की मुलाकात कॉलेज में हुई थी।
विकास -तरुणा दोनों की मुलाकात कलेज में हुई थी (Love Story on Teachers Day 2025)
आपको बता दें कि डॉ तरुणा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के जाकिर हुसैन कॉलेज से स्नातक किया है और आगे चलकर पीएचडी की उपाधि हासिल की तो वहीं विकास ने भी दिल्ली यूनिवर्सिटी के जाकिर हुसैन कॉलेज से ही हिंदी में स्नातक किया था। दोनों ही को पढ़ाई से बेहद लगाव था जो कि उनकी दोस्ती का कारण बना जो आगे चलकर प्यार में बदल गई।

1998 में विकास दिव्यकीर्ति और तरुणा वर्मा ने शादी की
वर्ष 1998 में विकास दिव्यकीर्ति और तरुणा वर्मा ने शादी कर ली, दोनों को शादी से एक बेटा सात्विक है। डॉ तरुणा वर्मा ने काफी दिनों तक दृष्टि आईएएस कोचिंग सेंटर में अध्यापन का काम किया है और आज वो इस कोचिग सेंटर की मैनेजिंग डायरेक्टर भी हैं। वो इंस्टाग्राम पर काफी एक्टिव रहती हैं, उनके फॉलोअर्स की संख्या हजारों में है।

आइए एक नजर डालते हैं कि IAS Vikash Divyakirti के अब तक के सफर पर
- हरियाणा के एक साधारण परिवार से आने वाले विकास दिव्यकीर्ति दृष्टि आईएएस (Drishti IAS) के संस्थापक और निदेशक हैं।
- विकास दिव्यकीर्ति का जन्म 26 दिसंबर 1973 को भिवानी, हरियाणा में हुआ था।
- उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा हिंदी माध्यम से हलवासिया विद्या विहार से पूरी की।
- इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय (हिन्दी साहित्य में स्नातक, परास्नातक और पीएचडी) से शिक्षा ग्रहण की है।

- अपनी मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद, दिव्यकीर्ति ने दिल्ली विश्वविद्यालय के पन्नालाल गिरधरलाल दयानंद एंग्लो वैदिक कॉलेज और महाराजा अग्रसेन कॉलेज में सहायक प्रोफेसर के रूप में पढ़ाना शुरू किया।
- 1996 में, उन्होंने अपने पहले प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की और 1996 में 384 की अखिल भारतीय रैंक (एआईआर) प्राप्त की।
- सचिवालय प्रशिक्षण और प्रबंधन संस्थान में प्रशिक्षित होने के बाद, उन्हें भारत सरकार द्वारा केंद्रीय सचिवालय सेवा[2] में शामिल किया गया।

- उन्होंने गृह मंत्रालय, नई दिल्ली में राजभाषा विभाग में अनुभाग अधिकारी के रूप में कार्य किया।
- उन्होंने एक साल बाद नौकरी से इस्तीफा दे दिया और पढ़ाना जारी रखा।
- 1999 में उन्होंने दिल्ली के मुखर्जी नगर में दृष्टि आईएएस कोचिंग संस्थान की स्थापना की, जो कि देश की प्रतिष्ठित कोचिंग सेंटर में से एक है।












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