TATA Group: कौन हैं लीह और माया टाटा? नोएल टाटा की बेटियों को SRTII बोर्ड ट्रस्टीज में शामिल करने पर मचा बवाल
Leah Tata-Maya Tata: नोएल टाटा की बेटियां लीह टाटा और माया टाटा को सर रतन टाटा इंडस्ट्रियल इंस्टीट्यूट (SRTII) के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज में शामिल किया गया है। यह फैसला रतन टाटा, जो उनके सौतेले चाचा और टाटा समूह के पूर्व चेयरमैन थे, के निधन के कुछ महीनों बाद लिया गया।
लीह (39) और माया (36) टाटा परिवार की अगली पीढ़ी के नेतृत्व का हिस्सा बन गई हैं। उनके पिता नोएल टाटा, जो टाटा ट्रस्ट्स के अध्यक्ष हैं, के साथ वे अब समूह की परोपकारी शाखा का नेतृत्व करने में योगदान देंगी।

कौन हैं लीह टाटा? (Who is Leah Tata?)
39 वर्षीय लीह टाटा इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (IHCL) में उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने अपनी पढ़ाई IE बिजनेस स्कूल से पूरी की और ताज होटल्स में सहायक बिक्री प्रबंधक के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने लुई वुइटन में इंटर्नशिप की। लीह ने टाटा समूह के आतिथ्य क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।
ये भी देखें: Cyrus Mistry Ratan Tata Bond: रतन टाटा को क्यों लगा था साइरस मिस्त्री का DNA अलग? किताब ने खोले बंद किस्से
कौन हैं माया टाटा? (Who is Maya Tata?)
36 वर्षीय माया टाटा ने बेयस बिजनेस स्कूल और वारविक यूनिवर्सिटी से अपनी शिक्षा पूरी की। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टाटा ऑपर्च्युनिटीज फंड से की और बाद में टाटा डिजिटल में जुड़ीं। माया ने टाटा न्यू ऐप के लॉन्च में अहम भूमिका निभाई, जिससे उनकी डिजिटल रणनीति और इनोवेशन में कुशलता साफ झलकती है।
रोजगार के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने की पहल
लीह और माया टाटा का SRTII बोर्ड में शामिल होना सिर्फ नेतृत्व में बदलाव नहीं है, बल्कि टाटा परिवार की परोपकारी पहलों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी है। 1928 में स्थापित SRTII महिलाओं को रोजगार के माध्यम से सशक्त बनाने के लिए काम करता है। लीह और माया की भागीदारी से यह विरासत और मजबूत होने की उम्मीद है।
लीह और माया की नियुक्ति पर विवाद
हालांकि, यह बदलाव विवादों से बच नहीं सका। SRTII बोर्ड में अर्नाज कोटवाल और फ्रेडी तलाटी को हटाकर लीह और माया को शामिल किए जाने की आलोचना हो रही है। कोटवाल ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे गलत ठहराया और ट्रस्टियों के साथ सीधे संवाद की कमी पर निराशा जताई।
टाटा समूह का भविष्य
लीह और माया की नई भूमिकाएं टाटा समूह के परोपकारी और सामाजिक प्रयासों को नई दिशा देने का संकेत हैं। उनके नेतृत्व में समूह की विरासत को आगे बढ़ाने और समाज के लिए सकारात्मक योगदान देने की उम्मीद है। यह नियुक्ति टाटा समूह के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय है, जो पीढ़ीगत बदलाव और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति समूह का एक कदम है। लीह और माया टाटा अपने अनुभव और नई सोच से टाटा समूह की सफलता को अगले स्तर पर ले जाने के लिए तैयार हैं।
ये भी देखें: भारत की पहली महिला टेनिस ओलंपियन, जिसने Tata Steel को दिवालिया होने से बचाया












Click it and Unblock the Notifications