PM मोदी से मिले तमिलनाडु CM स्टालिन, चेन्नई मेट्रो के लिए फंड तो मछुआरों के लिए मांगी सुरक्षा
Tamil Nadu CM Stalin met PM Narendra Modi: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, जिसमें उन्होंने राज्य के लिए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। इस मुलाकात में स्टालिन ने चेन्नई मेट्रो, एकीकृत शिक्षा पहल और तमिल मछुआरों की सुरक्षा को लेकर प्रधानमंत्री से सहायता मांगी।
मुख्यमंत्री स्टालिन ने चेन्नई मेट्रो परियोजना के दूसरे चरण के लिए लंबित धनराशि जारी करने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि इस परियोजना पर अब तक 18,544 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन बकाया राशि न मिलने के कारण आगे का काम रुक गया है। तमिलनाडु सरकार की प्राथमिकता है कि जल्द से जल्द दूसरे चरण का काम शुरू किया जाए, जिससे राज्य की परिवहन सुविधाओं को और बेहतर बनाया जा सके।

एकीकृत शिक्षा पहल में देरी पर चिंता
स्टालिन ने केंद्र द्वारा वित्त पोषित 60:40 अनुपात वाले एकीकृत शिक्षा कार्यक्रम की पहली किस्त में देरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सकारात्मक पहलुओं को अपनाया है, लेकिन राज्य ने त्रिभाषी नीति को स्वीकार नहीं किया है। मुख्यमंत्री ने यह भी अनुरोध किया कि भाषा संबंधी किसी भी विवाद से बचने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) में संशोधन किया जाए, ताकि किसी भी भाषा को राज्य पर थोपा न जाए।
तमिल मछुआरों की सुरक्षा का मुद्दा
मुख्यमंत्री ने श्रीलंकाई नौसेना द्वारा तमिल मछुआरों की गिरफ्तारी और उनकी नौकाओं को जब्त किए जाने के गंभीर मुद्दे पर भी चर्चा की। फिलहाल 145 मछुआरे और 191 मछली पकड़ने वाली नौकाएं श्रीलंका के कब्जे में हैं। स्टालिन ने प्रधानमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप करने और अगले महीने कोलंबो में होने वाली भारत-श्रीलंका संयुक्त समिति की बैठक में समाधान तलाशने की अपील की।
प्रधानमंत्री का आश्वासन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद, मुख्यमंत्री स्टालिन ने बताया कि प्रधानमंत्री ने उनके तीनों मुख्य मुद्दों पर विचार करने का आश्वासन दिया है। इस मुलाकात को स्टालिन ने सार्थक बताया और विश्वास जताया कि तमिलनाडु के इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर जल्द ही समाधान निकाला जाएगा।
राजनीतिक मुलाकातें और विपक्षी गठबंधन
मोदी से मुलाकात के बाद, स्टालिन ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी से भी मुलाकात की, जो 28 सितंबर को कांचीपुरम में होने वाली विपक्षी रैली से पहले महत्वपूर्ण थी। इसके साथ ही, उन्होंने सीपीआई (एम) नेता सीताराम येचुरी के परिवार से भी मुलाकात की, जिनका हाल ही में निधन हुआ था।
स्टालिन ने दिल्ली में सीपीआई महासचिव डी राजा से भी मुलाकात की, जिन्होंने तमिलनाडु की प्रगति और धर्मनिरपेक्षता के प्रति स्टालिन के नेतृत्व की प्रशंसा की। डी राजा ने स्टालिन के नेतृत्व को राज्य के अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए एक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात तमिलनाडु के विकास के महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित थी, जिसमें चेन्नई मेट्रो परियोजना, शिक्षा पहल और तमिल मछुआरों की सुरक्षा प्रमुख थे। प्रधानमंत्री से मिले आश्वासन से उम्मीद की जा रही है कि राज्य की इन समस्याओं का जल्द समाधान होगा। स्टालिन की इस मुलाकात के साथ-साथ विपक्षी नेताओं के साथ उनकी बैठकें भी महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश देती हैं, जो आने वाले समय में देश की राजनीति में अहम भूमिका निभा सकती हैं।












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