'बदतमीजी बर्दाश्त नहीं करूंगी', एक्ट्रेस को लेकर ऐसा क्या बोले BJP नेता कि मच गया बवाल, अब मांगनी पड़ी माफी
Nainar Nagendran on Vijay Trisha Krishnan: तमिलनाडु की राजनीति और फिल्म इंडस्ट्री एक बार फिर आमने-सामने आ गई है। अभिनेता से राजनेता बने विजय पर तंज कसते हुए तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष नयनार नागेंद्रन ने ऐसा बयान दे दिया, जिसने सियासी और सामाजिक हलकों में तूफान खड़ा कर दिया। इस बयान में उन्होंने एक्ट्रेस तृषा कृष्णा का नाम घसीट लिया, जिसके बाद विवाद और गहरा गया।
क्या था विवादित बयान?
एक कार्यक्रम के दौरान तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष नयनार नागेंद्रन ने विजय की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं का मजाक उड़ाते हुए कहा कि जो "छत पर नहीं चढ़ सकता, वह स्वर्ग पर चढ़ने का सपना देख रहा है।" उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि विजय को पहले "घर से बाहर निकलना चाहिए" और फिर हंसते हुए कहा, "पहले तृषा के घर से बाहर आएं, तभी कुछ हो सकता है।"

यह बयान उस समय आया जब विजय ने दावा किया था कि उनकी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में बड़ी चुनौती बनकर उभरेगी। नागेंद्रन की टिप्पणी को विपक्षी दलों ने निजी हमला करार दिया।
एक्ट्रेस तृषा का कड़ा जवाब
बयान सामने आने के बाद तृषा ने अपने कानूनी सलाहकार नित्येष नटराज के जरिए सख्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने साफ कहा कि वह किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ी नहीं हैं और हमेशा राजनीतिक रूप से न्यूट्रल रही हैं।
जारी बयान में कहा गया कि राज्य की राजनीति में ऊंचे पद पर बैठे व्यक्ति से ऐसी "अपमानजनक और बदतमीजी भरी बातों" की उम्मीद नहीं थी। तृषा ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें सिर्फ उनके काम से पहचाना जाए, न कि किसी कथित निजी या राजनीतिक जुड़ाव से। उन्होंने अपील की कि उनका नाम उन मुद्दों में न घसीटा जाए जिनसे उनका कोई लेना-देना नहीं है।
बयान में लिखा गया है,
''तृषा चाहती हैं उन्हें सिर्फ उनके काम से पहचाना जाए, न कि किसी तरह के राजनीतिक कनेक्शन को लेकर। सबसे जरूरी बात ये है कि पर्सनल लाइफ पर पब्लिक के बीच कमेंट्री या बयानबाजी नहीं की जानी चाहिए। इस तरह की बदतमीजी बर्दाश्त नहीं करूंगी। खासतौर पर ऐसे ऊंचे पद पर बैठे लोगों से उम्मीद होती है कि वो पब्लिक में जिम्मेदारी और संयम बनाए रखें ना कि ऐसे बयान दें। तृषा चाहती हैं उन्हें इन चीजों में न घसीटा जाए जिनसे उनका कोई लेना-देना नहीं है।''
सियासी प्रतिक्रियाएं और घिरते नागेंद्रन ने मांगी माफी
नागेंद्रन की टिप्पणी पर कई राजनीतिक दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। सत्तारूढ़ DMK के नेताओं ने इसे महिलाओं के प्रति असम्मान बताया, जबकि कांग्रेस ने सवाल उठाया कि एक अभिनेत्री का नाम राजनीतिक बहस में क्यों लाया गया। शुरुआत में नागेंद्रन अपने बयान पर कायम रहे और उसे वापस लेने से इनकार किया। लेकिन मामला बढ़ता देख पार्टी के अंदर भी हलचल मची।
सोमवार (16 फरवरी) को नागेंद्रन ने बयान जारी कर कहा कि यह टिप्पणी "गलती से" हो गई थी। उन्होंने कहा कि पार्टी की राष्ट्रीय महिला विंग की प्रमुख वानथी श्रीनिवासन और नेता अन्नामलाई ने उनसे इस मुद्दे पर बात की।
उन्होंने कहा, "अगर मेरे बयान से किसी को ठेस पहुंची है तो मैं दिल से खेद व्यक्त करता हूं।" इस तरह एक दिन पहले तक अपने शब्दों पर अड़े रहने वाले नागेंद्रन को आखिरकार सार्वजनिक रूप से पछतावा जताना पड़ा।
विजय और तृषा के रिश्ते की चर्चाएं क्यों बनीं मुद्दा?
विजय और तृषा के बीच रिश्ते की अफवाहें लंबे समय से चर्चा में रही हैं, हालांकि दोनों ने कभी इसे स्वीकार नहीं किया। ऐसे में नागेंद्रन का निजी संकेत देना विवाद को और बढ़ाने वाला साबित हुआ।
यह पूरा घटनाक्रम दिखाता है कि राजनीति में निजी टिप्पणियां किस तरह बड़ा विवाद बन सकती हैं। खासकर जब मामला सार्वजनिक जीवन जीने वाली महिला कलाकार का हो, तो संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की उम्मीद और भी बढ़ जाती है।












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