ठेठ राजस्थानी अंदाज में चारु ने मनाया 'गणगौर' का त्योहार, बहुत सुंदर दिखीं ब्रह्मांड सुंदरी की भाभी
बीकानेर, 15 अप्रैल। जानी-मानी टीवी अभिनेत्री और ब्रह्मांड सुंदरी सुष्मिता सेन की भाभी चारु असोपा ने आज अपने स्थानीय स्थान बीकानेर में गणगौर का त्योहार मनाया है। उन्होंने सेलिब्रेशन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की हैं, जिसमें वो बिल्कुल ठेठ राजस्थानी अंदाज में दिखाई पड़ रही हैं। माथे पर बेंदा, नाक में नथ और लहंगा-चुनरी पहने चारु तस्वीरों में काफी सुंदर दिख रही हैं, शेयर की गई तस्वीरों में चारु के साथ उनकी सहेलिया और मां भी हैं, चारु की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, लोग इस पर काफी कमेंट कर रहे हैं।

चारु ने मनाया 'गणगौर' का त्योहार
आपको बता दें कि चारु असोपा ने पूर्व मिस यूनीवर्स और बॉलीवुड अभिनेत्री सुष्मिता सेन के भाई राजीव सेन की पत्नी हैं और सोशल मीडिया की चर्चित हस्तियों में से एक हैं। चारू और राजीव ने साल 2019 में गोवा में काफी पारंपरिक अंदाज में शादी रचाई थी।

ननद सुष्मिता सेन के काफी क्लोज हैं चारु
अपनी ननद सुष्मिता सेन के काफी क्लोज चारु ने अपने टीवी करियर की शुरुआत साल 2009 के हिट शो 'अगले जनम मोहे बिटिया ही कीजो' से की थी। इसके बद इन्होंने 'ये रिश्ता क्या कहलाता है' और 'बाल वीर' जैसे चर्चित शो में काम किया था।

राजीव से पहले एक्टर नीरज से हुई थी चारु की सगाई
लेकिन इन्हें पहचान मिली 'मेरे अंगने में' शो से, इस शो में इनके भाई का रोल प्ले करने वाले एक्टर नीरज संग चारु रिलेशनशिप में थीं, दोनों की सगाई भी हो चुकी थी लेकिन किसी कारणवश दोनों का ब्रेकअप हो गया और इसके बाद चारु की लाइफ में एंट्री हुई सुष्मिता के मॉडल भाई राजीव से, दोनों पहले दोस्त बने और फिर उसके बाद दोनों में प्यार हो गया और फिर इन दोनों ने शादी कर ली। राजीव भी चारु से पहले एक्ट्रेस कृति सेनन की छोटी बहन नुपूर संग रिलेशनशिप में थे लेकिन उनका भी ब्रेकअप हो गया था।

आज है गणगौर तीज, सौभाग्यवती होने का मिलेगा वरदान
पूरे देश में आज गणगौर तीज का त्योहार मनाया जा रहा है, सुहागन स्त्रियों का प्रिय त्योहार पति की लंबी उम्र के लिए रखा जाता है। आज सभी विवाहित महिलाएं सोलह श्रृंगार करके शाम को गणगौर माता की पूजा करके अपने सुहाग की रक्षा के लिए उनसे प्रार्थना करती हैं। गणगौर यानी की पार्वती जी, आज के दिन मां पार्वती को सौभाग्यवती होने का वरदान प्राप्त हुआ था। केवल सुहागन स्त्रियां ही नहीं बल्कि योग्य जीवनसाथी की ख्वाहिश में अविवाहित लड़कियां भी गणगौर तीज का उपवास रखती हैं।












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